Israel ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिका के युद्धक विमानों ने Iran के खिलाफ हमले करने के लिए इजरायली एयरबेस का इस्तेमाल किया है। इजराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने 28 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि ईरान को इन सैन्य गतिविधियों की पूरी जानकारी है और इजराइल किसी भी जवाबी हमले का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह घटनाक्रम अमेरिका और इजराइल के बीच ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य संघर्ष में एक नया मोड़ है।
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हमले और तनाव का माहौल
यह सैन्य तनाव 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ, जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर समन्वित हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन जैसे खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। हालांकि, गोला-बारूद की कमी के कारण हाल ही में हमलों में एक अस्थायी विराम देखा गया था। संयुक्त राष्ट्र महासचिव António Guterres ने पहले ही स्पष्ट किया था कि अमेरिका और इजराइल के ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हैं।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने 27 जुलाई 2026 को घोषणा की कि तेहरान अमेरिका और इजराइल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में युद्ध अपराधों का मामला दर्ज कराएगा। ईरान ने इस संबंध में 1,400 से अधिक पन्नों के सबूत तैयार किए हैं। वहीं, 26 जुलाई 2026 को ईरान के सेना प्रवक्ता Mohammad Akraminia ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी हमले जारी रहे, तो मध्य पूर्व में संघर्ष और अधिक बढ़ सकता है।
