इराक के पश्चिमी रेगिस्तान में इसराइल ने चुपके से दो सैन्य ठिकाने बना लिए हैं. यह खबर न्यूयॉर्क टाइम्स और अल जजीरा जैसी बड़ी मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आई है. बताया गया है कि इन बेस का इस्तेमाल अमेरिका और इसराइल की ईरान के खिलाफ जंग के लिए किया गया.
🗞️: Saudi Arabia में लगा पहला क्वांटम कंप्यूटर, Aramco ने किया कमाल, अब बदल जाएंगे काम करने के तरीके।
इराक में इसराइल के गुप्त बेस की पूरी कहानी क्या है?
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इसराइल ने इराक के रेगिस्तानी इलाके में दो गुप्त सैन्य ठिकाने बनाए. इनमें से एक साइट का निर्माण 2024 के आखिर में ही शुरू हो गया था. इन बेस का इस्तेमाल जून 2025 में ईरान के साथ हुए युद्ध के दौरान किया गया. वहीं, अमेरिका और इसराइल की ईरान के साथ मौजूदा जंग फरवरी 2026 के आखिर में शुरू हुई थी.
इस पूरे मामले में कुछ गंभीर घटनाएं भी हुईं:
- मार्च 2026 में एक इराकी चरवाहे ने इलाके में संदिग्ध सैन्य गतिविधियां देखीं और अधिकारियों को खबर दी.
- जब इराकी सेना ने वहां जांच की, तो उन पर फायरिंग हुई.
- इस झड़प में एक इराकी सैनिक और एक नागरिक की जान चली गई.
इराक़ और अमेरिका के अधिकारियों ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
इराकी सरकार ने इस मामले पर मिला-जुला जवाब दिया है. एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने सैन्य बेस की खबरों से इनकार किया. लेकिन करबला ऑपरेशंस के कमांडर ने बताया कि मार्च 2026 में नजफ रेगिस्तान में एक इसराइली सैन्य ग्रुप देखा गया था, जो 48 घंटे से कम समय के लिए वहां रुका था.
इराक के संयुक्त संचालन के डिप्टी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल कैस अल-मुहम्मदावी ने पुष्टि की कि रेगिस्तान में बाहरी लोगों की आवाजाही हुई थी. उन्होंने साफ कहा कि इराक ने किसी भी विदेशी सेना को वहां रहने की इजाजत नहीं दी और इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन माना. इराक ने इस मामले को लेकर संयुक्त राष्ट्र (UN) में शिकायत भी दर्ज कराई और मार्च के अंत में वाशिंगटन को निजी तौर पर विरोध जताया.
दूसरी ओर, अमेरिका के अधिकारियों ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि वॉशिंगटन इस ऑपरेशन में शामिल नहीं था. हालांकि, कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने यह माना कि वहां सर्च-एंड-रेस्क्यू टीमें तैनात की गई थीं. इसराइल की सेना (IDF) ने अब तक इस रिपोर्ट पर कोई भी आधिकारिक बयान नहीं दिया है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
इसराइल ने इराक में बेस कब बनाए?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसराइल ने एक बेस का निर्माण 2024 के अंत में शुरू किया था और इनका उपयोग जून 2025 के युद्ध और फरवरी 2026 से शुरू हुई ईरान जंग में किया गया.
क्या इस घटना में किसी की जान गई?
हां, मार्च 2026 में जब इराकी सेना ने इन गुप्त ठिकानों की जांच की, तो हुई फायरिंग में एक इराकी सैनिक और एक नागरिक की मौत हो गई.