इसराइल ने दक्षिणी लेबनान में घुसकर एक नया मिलिट्री ज़ोन बना लिया है, जिसे ‘Yellow Line’ का नाम दिया गया है। यह इलाका लेबनान की सीमा के अंदर कई किलोमीटर तक फैला हुआ है। हालांकि दोनों देशों के बीच युद्धविराम (ceasefire) हुआ है, लेकिन इसराइली सेना के कंट्रोल की वजह से यह पूरा क्षेत्र अभी भी बहुत खतरनाक बना हुआ है।

‘Yellow Line’ क्या है और यहाँ क्या नियम लागू हैं?

इसराइल ने लेबनान की अंतरराष्ट्रीय सीमा यानी ‘Blue Line’ से करीब 5 से 10 किलोमीटर अंदर तक इस ज़ोन को फैलाया है। इसराइली सेना ने इसे ‘क्लोज्ड मिलिट्री ज़ोन’ और ‘फ्री-फायर ज़ोन’ घोषित कर दिया है। इसका मतलब है कि यहाँ सेना किसी भी समय हमला कर सकती है। इस ज़ोन के अंदर आने वाले लेबनान के 55 गाँवों में रहने वाले लोगों को वापस लौटने से साफ मना कर दिया गया है। IDF का कहना है कि वे युद्धविराम के दौरान भी यहाँ आतंकी ठिकानों को नष्ट करना जारी रखेंगे।

इसराइल और लेबनान के नेताओं ने क्या कहा?

इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और रक्षा मंत्री Israel Katz ने इसे सुरक्षा के लिए ज़रूरी बताया है। उनका कहना है कि वे इस इलाके में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों को खत्म करेंगे। दूसरी ओर, लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam और राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इस कदम की कड़ी निंदा की है। लेबनान के संसद स्पीकर Nabih Berri ने किसी भी बाहरी लाइन या पाबंदी को मानने से इनकार कर दिया है। वहीं हिज़्बुल्लाह ने चेतावनी दी है कि वे इन लाइनों को तोड़ देंगे और अपनी प्रतिरोध की क्षमता को कम नहीं होने देंगे।

लेबनान में अभी क्या हालात हैं?

ताज़ा जानकारी के मुताबिक, इसराइल अभी भी ‘Yellow Line’ के अंदर अपनी सैन्य गतिविधियाँ जारी रखे हुए है। पिछले 24 घंटों में हुए हमलों में एक पत्रकार समेत 5 लोगों की मौत हुई है, जिसे लेबनान ने युद्ध अपराध बताया है। इस मामले को सुलझाने के लिए वॉशिंगटन में बातचीत चल रही है जहाँ लेबनान युद्धविराम की समय सीमा बढ़ाने की मांग कर रहा है। इस बीच IDF ने एक हिज़्बुल्लाह आतंकवादी को गिरफ्तार करने का दावा भी किया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.