Israel Damon Prison: इसराइल की डमोन जेल में गर्भवती महिलाओं की हालत खराब, जरूरी सामान भी छीना.

इजराइल की डमोन जेल में बंद फलिस्तीनी महिला कैदियों की स्थिति को लेकर एक डरावनी रिपोर्ट सामने आई है। इस मामले में फलिस्तीनी कैदी मीडिया कार्यालय ने 23 अगस्त 2026 को यह जानकारी दी है कि जेल में बंद गर्भवती महिलाओं को बहुत ही मुश्किल हालात का सामना करना पड़ रहा है। जेल प्रशासन द्वारा इन महिलाओं पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं, जिसके तहत उनसे जरूरी कपड़े और निजी साफ-सफाई का सामान भी छीन लिया गया है। इस तरह के अमानवीय व्यवहार से वहां मौजूद महिलाओं की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।
महिला कैदियों की बिगड़ती स्थिति और स्वास्थ्य संकट
अगस्त महीने के दौरान इजरायली हिरासत में बंद महिला फलिस्तीनी कैदियों की स्थिति को लेकर चिंताएं काफी ज्यादा बढ़ गई हैं। फलिस्तीनी प्रिजनर्स क्लब जैसे मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट के मुताबिक, 22 अगस्त 2026 तक इन महिलाओं की मानवीय स्थिति बहुत खराब हो चुकी है। जेल के अंदर महिलाओं को बुनियादी मेडिकल सुविधा नहीं मिल रही है, उन्हें अकेले रखा जा रहा है और उनके साथ दुर्व्यवहार की खबरें भी सामने आई हैं। वकीलों, जैसे कि हसन अबादी, ने जेल का दौरा करने के बाद वहां बंद कैदियों की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को दर्ज किया है। कैदियों को कंधे की नस फटने, थायराइड की बीमारी और पेट की मांसपेशियों से जुड़ी समस्याएं हो रही हैं। इसके अलावा, कैदियों ने खाने की खराब क्वालिटी, नहाने के लिए पानी की कमी और खुजली यानी स्कैबीज़ जैसी बीमारियों के फैलने की शिकायत की है।
गर्भवती महिलाओं की दयनीय स्थिति
इससे पहले जून 2026 के आंकड़ों से पता चला था कि डमोन जेल में कम से कम तीन गर्भवती महिलाएं इन खराब हालातों में रहने को मजबूर हैं। ये महिलाएं अक्सर भीड़भाड़ वाली कोठरियों में फर्श पर सोने के लिए विवश हैं। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान सही खानपान और साफ-सफाई की सख्त जरूरत होती है, लेकिन इसके बावजूद इन महिलाओं के कमरों में बार-बार छापे मारे जाते हैं, उनकी तलाशी ली जाती है और हवा आने-जाने का भी सही इंतजाम नहीं है। अंतरराष्ट्रीय जानकारों का कहना है कि पिछले कई महीनों से इन कैदियों के परिवारों को मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है और अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति के अधिकारियों को भी जेल का दौरा करने से रोका जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का साफ तौर पर यह कहना है कि महिला कैदियों के साथ किया जा रहा यह व्यवहार चौथे जिनेवा कन्वेंशन और अंतरराष्ट्रीय मानवीय नियमों के पूरी तरह खिलाफ है। फलिस्तीनी कैदियों का मीडिया कार्यालय लगातार इस मामले में आवाज उठा रहा है और दुनिया का ध्यान इस ओर खींच रहा है। हालांकि, इजरायली जेल प्रशासन की तरफ से सामान छीने जाने और गर्भवती महिलाओं की मेडिकल स्थिति को लेकर लगाए गए इन तमाम गंभीर आरोपों पर अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जेल के अंदर हालात सुधरने के बजाय दिन-प्रतिदिन बदतर होते जा रहे हैं, जिससे वहां बंद महिलाओं की जान को लेकर खतरा लगातार बना हुआ है।