इजरायल (Israel) ने मंगलवार को एक बड़ा ऐलान किया है। इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि उन्होंने ईरान की बासीज (Basij) फोर्स के कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी को मार गिराया है। यह कार्रवाई 16 मार्च 2026 को ईरान के कई शहरों में किए गए बड़े हवाई हमलों के दौरान की गई। इस हमले में ईरान के नेशनल सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी के भी मारे जाने की खबर है।

क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ हमला

इस ऑपरेशन को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर अंजाम दिया है। इस सैन्य अभियान की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी। इजरायली वायुसेना (IAF) के फाइटर जेट्स ने सोमवार रात तेहरान, शिराज और तबरेज में कई कमांड सेंटरों को अपना निशाना बनाया। इन लंबी दूरी के हमलों के लिए लड़ाकू विमानों ने करीब 700 मील का सफर तय किया।

आईडीएफ के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने बताया कि रात में किए गए इस ऑपरेशन में बड़ी कामयाबी मिली है। इजरायल के रक्षा मंत्री इसराइल कैट्ज ने भी इस हमले को ईरानी शासन के सुरक्षा तंत्र के लिए एक बड़ा झटका बताया है। उनका कहना है कि इससे ईरान की ताकत कम होगी और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर खतरा घटेगा।

हमले से जुड़ी मुख्य बातें

इजरायल और अमेरिका के इस संयुक्त ऑपरेशन में कई अहम कदम उठाए गए हैं। इस पूरी कार्रवाई से जुड़ी अहम जानकारी नीचे दी गई है:

  • मुख्य निशाना: गुलामरेजा सुलेमानी (बासीज फोर्स का कमांडर) और अली लारीजानी (नेशनल सिक्योरिटी चीफ)।
  • मिशन का नाम: इजरायल के लिए Operation Roaring Lion और अमेरिका के लिए Operation Epic Fury।
  • बासीज फोर्स का काम: यह ईरान की एक स्वयंसेवक विंग है जिस पर आम लोगों के प्रदर्शनों को दबाने का आरोप है।
  • हमले का असर: कमांडर के मारे जाने से बासीज फोर्स का कमांड सिस्टम बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

आईडीएफ का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य ईरान के सिस्टम को कमजोर करना है। इस बड़े हमले के बाद ईरान की अंदरूनी और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.