Lebanon News: इसराइल ने लेबनान के कई गांवों में गिराए घर, सीज़फायर के बाद भी तबाही जारी, लोगों में डर

दक्षिण लेबनान के Al-Bayyadah इलाके में इसराइली सेना ने कई घरों को मलबे में बदल दिया है। सुबह के वक्त हुए इन धमाकों की आवाज पास के Tyre शहर तक सुनाई दी। हैरानी की बात यह है कि यह सब तब हुआ जब अमेरिका की मदद से दोनों देशों के बीच 17 अप्रैल 2026 को ceasefire यानी युद्धविराम लागू हुआ था।

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लेबनान में इसराइल ने क्या किया और कहां हुई तबाही?

इसराइली सेना ने Al-Bayyadah के अलावा Shamaa, Naqoura, Khiam, Qantara और Bint Jbeil जैसे गांवों में भी घरों और बुनियादी ढांचे को नष्ट किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहां के स्कूलों और सार्वजनिक भवनों को भी निशाना बनाया गया। इसराइल अब सीमा के पास 5 से 10 किलोमीटर तक एक security zone बना रहा है, जिससे वहां रहने वाले नागरिकों को उस इलाके से दूर रहने की चेतावनी दी गई है।

रक्षा मंत्री Israel Katz ने सीमावर्ती गांवों के सभी घरों को नष्ट करने की बात कही थी। यह कार्रवाई उस समय हो रही है जब दुनिया को उम्मीद थी कि ceasefire के बाद शांति लौटेगी। इसराइल का कहना है कि वह Hezbollah के बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है, लेकिन जमीनी हालात कुछ और ही कहानी कह रहे हैं।

क्या अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हुआ उल्लंघन?

UN के स्पेशल रैपोर्टर Balakrishnan Rajagopal ने इस कार्रवाई को domicide कहा है। इसका मतलब है कि जब जानबूझकर पूरे शहर या बस्ती को रहने लायक न छोड़ा जाए, तो वह युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है। अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत नागरिक संपत्तियों और घरों पर इस तरह के बड़े हमले करना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

  • जिनेवा कन्वेंशन: इसके आर्टिकल 53 और 147 के मुताबिक, बिना सैन्य जरूरत के संपत्ति को नष्ट करना एक गंभीर अपराध माना जाता है।
  • सामूहिक सजा: इस तरह के विध्वंसक कदमों को ‘collective punishment’ कहा जाता है, जिसमें मासूम परिवारों को सजा दी जाती है।
  • मानवाधिकार: आवास का अधिकार एक बुनियादी जरूरत है और इसे नष्ट करना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है।