इसराइल ने अल-ईज़ारिया (al-Eizariya) में 50 फिलिस्तीनी दुकानों को बुलडोजर से गिरा दिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब कोर्ट ने इन दुकानों को गिराने पर रोक लगाई हुई थी। इस कदम से 200 से ज़्यादा परिवारों की रोजी-रोटी छिन गई है और इलाके में तनाव बढ़ गया है। यह सब वेस्ट बैंक में एक नया सेटलमेंट कॉरिडोर बनाने की योजना का हिस्सा बताया जा रहा है।

अल-ईज़ारिया में दुकानों को क्यों गिराया गया?

इसराइली अधिकारियों का कहना है कि ये दुकानें बिना किसी कानूनी परमिट के बनाई गई थीं, इसलिए इन्हें हटाना जरूरी था। COGAT (Coordinator of Government Activities in the Territories) ने बताया कि ये इमारतें एक प्रस्तावित सड़क के रास्ते में थीं, जो फिलिस्तीनी कस्बों को आपस में जोड़ने के लिए बनाई जानी है। हालांकि, फिलिस्तीनी कानूनी संगठन St Yves Society का तर्क है कि वहां के लोगों के लिए परमिट हासिल करना बहुत मुश्किल है।

  • दुकानों को गिराने का आदेश अगस्त 2025 में दिया गया था।
  • 10 मई 2026 को इसराइली हाई कोर्ट ने इन आदेशों पर अस्थायी रोक लगा दी थी।
  • कोर्ट की रोक के बावजूद 11 और 12 मई को दुकानों को गिराने का काम शुरू हुआ।
  • 13 मई 2026 तक लगभग 50 दुकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।

E1 प्रोजेक्ट क्या है और इसका क्या असर होगा?

फिलिस्तीनी अधिकारियों और यरुशलम गवर्नर का मानना है कि यह कार्रवाई ‘E1’ प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य Maale Adumim बस्ती को पूर्वी यरुशलम से जोड़ना है। जानकारों का कहना है कि अगर यह कॉरिडोर बन गया, तो वेस्ट बैंक दो हिस्सों में बंट जाएगा और फिलिस्तीनी समुदायों का संपर्क टूट जाएगा। Peace Now संस्था की डायरेक्टर Hagit Ofran ने कहा कि इस सड़क का मकसद फिलिस्तीनियों के ट्रैफिक को मोड़ना है ताकि उस पूरे इलाके पर इसराइल का नियंत्रण हो सके।

वहीं, इसराइल के वित्त मंत्री Bezalel Smotrich ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को एक योजना सौंपी है, जिसमें वेस्ट बैंक के रणनीतिक इलाकों पर कब्जे की बात कही गई है। Smotrich ने वेस्ट बैंक को इसराइल की सुरक्षा बेल्ट बताया है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और हालात

वेस्ट बैंक में बढ़ती हिंसा और बस्तियों के विस्तार पर दुनिया भर में चिंता जताई गई है। अंतरराष्ट्रीय कानून और UN सुरक्षा परिषद के मुताबिक, फिलिस्तीनी इलाकों में इसराइली बस्तियां बनाना गैरकानूनी है। इसी कड़ी में यूरोपीय संघ (EU) ने 12 मई 2026 को कुछ इसराइली बसने वालों और उनसे जुड़ी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं।

दूसरी ओर, UNICEF के प्रवक्ता जेम्स एल्डर ने एक रिपोर्ट में बताया कि जनवरी 2025 से अब तक वेस्ट बैंक में कम से कम 70 फिलिस्तीनी बच्चों की मौत हो चुकी है और 850 से ज़्यादा घायल हुए हैं। यह स्थिति इसराइली सेना की कार्रवाई और बसने वालों के हमलों के कारण पैदा हुई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अल-ईज़ारिया में दुकानों को गिराने पर कोर्ट का क्या आदेश था

इसराइली हाई कोर्ट ने 10 मई 2026 को दुकानों को गिराने के आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी थी, लेकिन इसके बावजूद 11 मई से बुलडोजर चलाकर दुकानों को ढहा दिया गया।

E1 प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य क्या है

इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य Maale Adumim बस्ती को पूर्वी यरुशलम से जोड़ना है, जिससे वेस्ट बैंक दो हिस्सों में बंट सकता है और फिलिस्तीनियों की आवाजाही सीमित हो जाएगी।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com