लेबनान में तनाव के बीच इसराइल की सेना ने बड़ी कार्रवाई की है। 3 अप्रैल 2026 को इसराइली वायुसेना ने लीतानी नदी पर बने दो और पुलों पर बमबारी की और उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिया। इस हमले का मुख्य मकसद लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में हिज़बुल्लाह की आवाजाही को रोकना बताया जा रहा है। इसराइली अधिकारियों के अनुसार इन पुलों के जरिए हथियारों और लड़ाकों की सप्लाई की जा रही थी।

इसराइली सेना ने इन हमलों पर क्या सफाई दी?

इसराइली सेना के प्रवक्ता कर्नल अविचाई अद्राई ने बताया कि सेना ने सोहमोर और मशघरा (Sohmor–Mashghara) के बीच बने पुलों को निशाना बनाने का फैसला किया था। उन्होंने कहा कि इन रास्तों का इस्तेमाल सैन्य गतिविधियों के लिए हो रहा था। अब तक इसराइल लीतानी नदी पर बने 5 से ज्यादा पुलों को नष्ट कर चुका है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ किया है कि दक्षिणी लेबनान में इसराइली अभियान का विस्तार किया जाएगा ताकि वहां एक सुरक्षित क्षेत्र बनाया जा सके।

हमलों से जुड़ी मुख्य जानकारी और अंतरराष्ट्रीय चिंता

इस संघर्ष की वजह से आम नागरिकों के लिए आने-जाने के रास्ते बंद हो रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने इन हमलों पर गहरी चिंता जताई है और कहा है कि नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ हो सकता है। लेबनान के राष्ट्रपति ने इन हमलों की निंदा की है।

तारीख प्रमुख घटना
3 अप्रैल 2026 सोहमोर और मशघरा पुलों पर हमला और तबाही
22 मार्च 2026 रक्षा मंत्री ने सभी संदिग्ध पुलों को तोड़ने का आदेश दिया
31 मार्च 2026 संयुक्त राष्ट्र ने सुरक्षा घेरा बनाने की कोशिशों पर जताई चिंता
मार्च 2026 अंत अब तक लगभग 8 प्रमुख पुल क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए

इसराइली वित्त मंत्री बेज़लेल स्मोट्रिच ने यह भी संकेत दिया है कि लीतानी नदी को इसराइल और लेबनान के बीच नई सीमा के रूप में देखा जाना चाहिए। दूसरी तरफ लेबनान और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि इन पुलों के टूटने से आम लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ेंगी। फिलहाल इस इलाके में जमीनी अभियान जारी है और इसराइली सेना लीतानी नदी तक पहुंच चुकी है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.