Lebanon में इसराइल ने तोड़ी धार्मिक मूर्तियाँ, पहले सेंट जॉर्ज और अब ईसा मसीह की प्रतिमा का किया अपमान
लेबनान के दक्षिणी इलाकों में इसराइल की सेना द्वारा धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुँचाने के मामले सामने आए हैं। हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें एक सैनिक को ईसा मसीह की मूर्ति तोड़ते हुए देखा गया। इससे पहले सेंट जॉर्ज की मूर्ति को भी बुलडोजर से गिरा दिया गया था। इन घटनाओं के बाद दुनिया भर के धार्मिक नेताओं ने इसराइल की कड़ी आलोचना की है।
लेबनान में कौन-सी मूर्तियाँ और स्थल तोड़े गए?
| घटना | स्थान | समय | विवरण |
|---|---|---|---|
| सेंट जॉर्ज की मूर्ति | Yaroun, Bint Jbeil | अप्रैल 2025 | इसराइल की सेना ने बुलडोजर से मूर्ति को गिरा दिया |
| ईसा मसीह की मूर्ति | Debel / Deir Siryan | 19-20 अप्रैल 2026 | एक सैनिक ने हथौड़े से प्रतिमा को तोड़ दिया |
इसराइल प्रशासन और IDF का क्या कहना है?
मूर्ति तोड़े जाने की घटना पर Israel Defense Forces (IDF) ने पुष्टि की कि वीडियो असली है। उन्होंने कहा कि यह हरकत सेना के मूल्यों और सैनिकों के व्यवहार के खिलाफ है। इस मामले की तुरंत जांच शुरू कर दी गई है। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इसे एक अस्वीकार्य व्यक्तिगत कृत्य बताया और दोषी के खिलाफ आपराधिक जांच और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई का वादा किया। विदेश मंत्री Gideon Saar ने भी इस घटना को शर्मनाक बताते हुए माफी मांगी है।
धार्मिक नेताओं और एजेंसियों की क्या प्रतिक्रिया रही?
Cardinal Pierbattista Pizzaballa ने इस घटना को ईसाई धर्म का बड़ा अपमान बताया और गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने तुरंत और निर्णायक कार्रवाई की मांग की। लेबनानी पादरी Dany Darghem ने कहा कि यह विश्वास की आज़ादी और पवित्र स्थलों का उल्लंघन है। वहीं, लेबनानी नेशनल न्यूज़ एजेंसी (NNA) ने इसे नवंबर 2024 में हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन बताया है।