गाजा की तरफ जा रहे मानवीय सहायता जहाज से पकड़े गए दो विदेशी कार्यकर्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसराइल की एक अदालत ने उनकी हिरासत को दो दिन और बढ़ा दिया है। इन लोगों ने जेल में भूख हड़ताल शुरू कर दी है और उनके साथ मारपीट के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले को लेकर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छिड़ गई है।
किसे हिरासत में लिया गया है और क्या है पूरा मामला?
इसराइल की अश्केलॉन कोर्ट ने स्पेन के नागरिक Saif Abu Keshek और ब्राजील के नागरिक Thiago Avila की हिरासत को 3 मई 2026 को दो दिन के लिए बढ़ा दिया। ये दोनों लोग Global Sumud Flotilla का हिस्सा थे, जिसमें 50 से ज्यादा जहाज गाजा की नाकेबंदी तोड़कर वहां मदद पहुँचाना चाहते थे।
- पकड़े जाने की जगह: इन कार्यकर्ताओं को 30 अप्रैल 2026 को ग्रीस के पास अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा में पकड़ा गया था।
- रिहाई: इस अभियान से जुड़े बाकी करीब 170 कार्यकर्ताओं को 1 मई को ग्रीस में ही छोड़ दिया गया था।
- आरोप: इसराइल के विदेश मंत्रालय का कहना है कि Saif Abu Keshek पर आतंकवादी संगठन से जुड़े होने का शक है, जबकि Thiago Avila पर गैरकानूनी गतिविधियों का आरोप है।
जेल के अंदर की स्थिति और दुनिया की प्रतिक्रिया क्या है?
अधिकारों के लिए लड़ने वाले समूह Adalah ने बताया कि इन कार्यकर्ताओं को अश्केलॉन की शिक्मा जेल में अलग रखा गया है। Adalah का दावा है कि हिरासत के दौरान उनके साथ बहुत बर्बरता हुई, उन्हें बार-बार पीटा गया और उनकी आंखों पर पट्टी बांधी गई। इसी विरोध में दोनों कार्यकर्ताओं ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
- स्पेन का रुख: स्पेन के प्रधानमंत्री Pedro Sánchez और विदेश मंत्री José Manuel Albares ने तुरंत रिहाई की मांग की है। उनका कहना है कि यह गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा में हुई थी।
- अमेरिका का स्टैंड: अमेरिका ने इस पूरे मिशन को एक ‘स्टंट’ बताया है और इसराइल के फैसले का समर्थन किया है।
- Amnesty International: इस संस्था ने हिरासत को गैरकानूनी बताया है और कार्यकर्ताओं को मानवीय व्यवहार और कानूनी मदद देने की मांग की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं के नाम क्या हैं और वे किस देश से हैं?
हिरासत में लिए गए लोग Saif Abu Keshek (स्पेन/स्वीडन-फिलिस्तीन) और Thiago Avila (ब्राजील) हैं।
इसराइल ने इन कार्यकर्ताओं पर क्या आरोप लगाए हैं?
इसराइल और अमेरिकी खजाने विभाग का आरोप है कि ये लोग पॉपुलर कॉन्फ्रेंस फॉर फिलिस्तीनियंस अब्रॉड (PCPA) से जुड़े हैं, जो हमास के लिए काम करता है।