इसराइल की सेना ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए कम से कम 80 फिलिस्तीनियों को हिरासत में लिया है. Kuwait News Agency (KUNA) और Palestinian Prisoner’s Society ने इस बात की पुष्टि की है. इसी दौरान नब्लुस और जेनिन में भी गोलाबारी हुई, जिसमें कुछ फिलिस्तीनी घायल हो गए हैं.

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गिरफ्तारी और जेलों के मौजूदा आंकड़े

Palestinian Prisoner’s Society और अन्य संगठनों ने कैदियों की स्थिति पर रिपोर्ट जारी की है. इसमें बताया गया है कि अक्टूबर 2023 के बाद से गिरफ्तारियों में 83% की बढ़ोतरी हुई है. वेस्ट बैंक और यरूशलेम से अब तक हज़ारों लोगों को पकड़ा गया है.

विवरण संख्या/जानकारी
कुल गिरफ्तार (अक्टूबर 2023 से) 23,000 से ज़्यादा
वर्तमान कुल कैदी (अप्रैल 2026) 9,600 से ज़्यादा
महिला कैदी 86 (2 नाबालिग)
बच्चे करीब 350
प्रशासनिक हिरासत (बिना ट्रायल) 3,532 से ज़्यादा

नया कानून और अंतरराष्ट्रीय चिंताएं

इसराइल की संसद ने 30 मार्च 2026 को एक नया कानून पारित किया है, जिसे “Death Penalty for Terrorists Law” कहा जा रहा है. इस कानून के तहत आतंकवाद के आरोपों में केवल फिलिस्तीनियों को फाँसी की सजा दी जा सकेगी. संयुक्त राष्ट्र (UN) के विशेषज्ञों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया है.

इसके अलावा, मानवाधिकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि जेलों में टॉर्चर और लोगों को जबरन गायब करने जैसी घटनाएं बढ़ गई हैं. UN एक्सपर्ट फ्रांसिस्का अल्बनेज़ ने इन स्थितियों पर गहरी चिंता जताई है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.