गज़ा के मध्य इलाके में इसराइल ने ड्रोन से हमला किया है जिसमें 6 लोग घायल हो गए हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक यह हमला 30 अप्रैल 2026 को हुआ। इस हमले के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से यहाँ लगातार हमले हो रहे हैं।
गज़ा में हमलों का सिलसिला और मरने वालों की संख्या
गज़ा पट्टी में इसराइल के हमले लगातार जारी हैं। गज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि सीज़फायर लागू होने के बाद से अब तक 800 से ज़्यादा फिलिस्तीनियों की जान जा चुकी है। हाल ही में 26 अप्रैल को हुए हमलों में 4 लोग मारे गए थे, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था। वहीं 28 अप्रैल को गज़ा सिटी के पास हुए एक ड्रोन हमले में कम से कम 2 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए।
येलो और ऑरेंज लाइन क्या हैं और इनका असर
इसराइल ने गज़ा में अपनी पकड़ मज़बूत करने के लिए दो तरह के ज़ोन बनाए हैं। येलो लाइन वाला इलाका पूरी तरह इसराइली सेना के कंट्रोल में है। वहीं ऑरेंज लाइन प्रतिबंधित ज़ोन है, जहाँ अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों को आने-जाने के लिए सेना से तालमेल करना पड़ता है। COGAT के मुताबिक ये नियम सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। हालांकि, इन इलाकों में मार्च के मध्य से अब तक यूनिसेफ और विश्व स्वास्थ्य संगठन के 3 सहायता कर्मी मारे जा चुके हैं।
हमास अधिकारी की मौत और हिजबुल्लाह की हरकत
30 अप्रैल को ही लेबनान से छोड़ा गया हिजबुल्लाह का एक ड्रोन उत्तरी इसराइल में गिरा, जिससे वहाँ आग लग गई लेकिन कोई घायल नहीं हुआ। इससे पहले 29 अप्रैल को इसराइल की सेना और शिन बेट ने उत्तरी गज़ा में एक एयरस्ट्राइक की थी। इस हमले में हमास के इंटेलिजेंस अधिकारी इयाद अहमद अब्देल रहमान शंबारी मारे गए, जिन पर खुफिया जानकारी जुटाने का आरोप था। इसके अलावा इसराइल अब फिलिस्तीनी पुलिस अधिकारियों को भी निशाना बना रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
30 अप्रैल 2026 को गज़ा में क्या हुआ
30 अप्रैल 2026 को मध्य गज़ा में इसराइल के ड्रोन हमले में 6 लोग घायल हो गए।
इयाद अहमद अब्देल रहमान शंबारी कौन थे
वह हमास के एक इंटेलिजेंस अधिकारी थे, जिन्हें 29 अप्रैल को उत्तरी गज़ा में एक एयरस्ट्राइक में मार गिराया गया।
गज़ा में ‘ऑरेंज लाइन’ क्या है
यह एक प्रतिबंधित ज़ोन है जहाँ अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों को अपनी आवाजाही के लिए इसराइली सेना से अनुमति और तालमेल करना पड़ता है।