इसराइल ने बढ़ाई वेस्ट बैंक में बस्तियों की योजना, कई देशों ने जताई कड़ी आपत्ति

इसराइल सरकार ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक में अपने विवादित E1 (ईस्ट 1) सेटलमेंट प्लान को आगे बढ़ा दिया है। इस प्रशासनिक विकास योजना को लेकर दुनिया भर के कई देशों ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया है। आलोचकों का कहना है कि इस कदम से दो-राष्ट्र समाधान की उम्मीदें हमेशा के लिए खत्म हो सकती हैं। यह पूरा प्रोजेक्ट लगभग 12 वर्ग किलोमीटर यानी 3,000 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है।
योजना और निर्माण कार्य का दायरा
यह पूरा इलाका माले अडूमिन (Ma'ale Adumim) सेटलमेंट की नगर पालिका सीमा के भीतर आता है, जो पूर्वी यरुशलम के उत्तर-पूर्व में स्थित है। इस योजना के तहत इसराइली सरकार का इरादा वहां 3,500 से 15,000 आवास इकाइयों का निर्माण करना है। इसके अलावा वहां एक औद्योगिक क्षेत्र, पर्यटन और वाणिज्यिक केंद्र, पुलिस मुख्यालय, कूड़ाघर और एक कब्रिस्तान भी बनाया जाना है। इन सबका मुख्य उद्देश्य माले अडूमिन के 40,000 निवासियों को यरुशलम से जोड़ना है।
तारीख 24 अगस्त 2026 तक इसराइली सरकार ने इस क्षेत्र में 1,200 से अधिक घरों के निर्माण के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं। मानवाधिकार संस्था 'पीस नाउ' ने इस कदम को देश में अक्टूबर के अंत में होने वाले आम चुनावों से ठीक पहले एक आखिरी दांव बताया है। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच पहले ही कह चुके हैं कि 'ग्रेटर यरुशलम' के सपने को पूरा करने के लिए E1 योजना बहुत जरूरी है। हालांकि, विरोधियों का मानना है कि इस निर्माण से वेस्ट बैंक का उत्तरी और दक्षिणी हिस्सा एक दूसरे से पूरी तरह कट जाएगा, जिससे भविष्य में एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी देश बनना नामुमकिन हो जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया
इस फैसले के बाद दुनिया के कई देशों की तरफ से बहुत तेज और सख्त प्रतिक्रिया सामने आई है। तारीख 20 अगस्त 2026 को यूके, फ्रांस, जर्मनी, इटली और कनाडा समेत कुल 17 देशों ने एक साझा बयान जारी किया। इसमें इन टेंडर को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया गया और कारोबारियों को इस निर्माण कार्य से दूर रहने की चेतावनी दी गई। इसके बाद 21 अगस्त 2026 को तुर्की, मिस्र, इंडोनेशिया, जॉर्डन, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्रियों ने भी इसे मिलकर खारिज कर दिया और इस कदम को एक खतरनाक escalation (तनाव) करार दिया।
इसके अलावा यूरोपीय संघ के उच्च प्रतिनिधि ने भी 23 और 24 अगस्त 2026 को एक औपचारिक बयान जारी किया। इस बयान में इन टेंडर्स को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ अवैध बताया गया और वेस्ट बैंक में बसने वाले यहूदी प्रवासियों द्वारा की जा रही हिंसा के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता जताई गई। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए QNA News की रिपोर्ट देखी जा सकती है। स्थानीय फिलिस्तीनी अधिकारियों और खान अल-अहमर इलाके के बेदूिन समुदायों ने भी इस विकास का पुरजोर विरोध किया है, क्योंकि उन्हें अपने घरों से जबरन बेघर किए जाने का डर सता रहा है।