इजराइल की सेना (IDF) ने ईरान की राजधानी तेहरान में एक सटीक एयरस्ट्राइक किया है। इस हमले में ईरान के खातम अल-अंबिया इमरजेंसी कमांड के इंटेलिजेंस विंग के टॉप अधिकारियों को मार गिराया गया है। सऊदी न्यूज़ 50 और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार्रवाई इजराइल के ऑपरेशन रोरिंग लायन का हिस्सा है। इस घटना से ईरान के मिलिट्री और इंटेलिजेंस नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा है।

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कौन थे मारे गए ईरानी अधिकारी?

इजराइली एयरफोर्स द्वारा किए गए इस हमले में मुख्य रूप से दो बड़े अधिकारियों की मौत हुई है।

  • अब्दोल्लाह जलाली-नसब: इंटेलिजेंस डायरेक्टोरेट के सीनियर अधिकारी।
  • अमीर शरियात: इंटेलिजेंस विंग के एक और बड़े अधिकारी।

ये दोनों अधिकारी सालेह असदी की जगह काम कर रहे थे, जिनकी पिछले महीने (फरवरी 2026) मौत हो गई थी। इनका मुख्य काम ईरान के सुप्रीम लीडर के लिए इंटेलिजेंस रिपोर्ट तैयार करना और युद्ध रणनीति बनाना था। इन अधिकारियों की पहुंच ईरान के ऊपरी सत्ता तक बहुत करीब थी।

इस एयरस्ट्राइक का क्या असर होगा?

इजराइल की सेना के मुताबिक, यह हमला ईरान के कमांड और कंट्रोल सिस्टम पर एक बहुत बड़ा प्रहार है। 13 मार्च 2026 को तेहरान के बीचों-बीच यह स्ट्राइक की गई थी, जिसकी आधिकारिक पुष्टि 14 मार्च को की गई।

इजराइल के मिलिट्री अधिकारियों ने बताया कि इसका मकसद ईरान की बड़ी मिलिट्री कार्रवाई करने की ताकत को कम करना है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि केवल तीन हफ्ते के अंदर इंटेलिजेंस विंग के तीन बड़े अधिकारियों के मारे जाने से ईरान के खुफिया नेटवर्क को गहरा नुकसान पहुंचा है और उनके काम में बड़ी रुकावट आई है।