Israel Lebanon Update: लेबनान में इसराइल का नया दांव, बनाई ‘Yellow Line’, युद्धविराम के बीच बढ़ी टेंशन
इसराइल ने दक्षिणी लेबनान में एक नई सैन्य सीमा बना दी है, जिसे ‘Yellow Line’ कहा जा रहा है। यह बिल्कुल वैसा ही कदम है जैसा उन्होंने गाज़ा पट्टी में उठाया था। हैरानी की बात यह है कि यह सब तब हो रहा है जब दोनों देशों के बीच 10 दिन का युद्धविराम चल रहा है, जिससे इलाके में फिर से तनाव बढ़ गया है।
यह ‘Yellow Line’ क्या है और इसराइल का क्या प्लान है?
‘Yellow Line’ एक तरह की सैन्य सीमा है जिसे इसराइल ने लेबनान के अंदर करीब 10 किलोमीटर तक फैलाया है। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ कर दिया है कि उनकी सेना इस सुरक्षा घेरे से बाहर नहीं जाएगी। वहीं, रक्षा मंत्री Israel Katz ने सेना को आदेश दिया है कि वे खतरों से निपटने के लिए पूरी ताकत का इस्तेमाल करें और सीमा के पास लेबनानी गांवों को ध्वस्त करें। इसराइल का कहना है कि आत्मरक्षा में उठाए गए कदम युद्धविराम के नियमों के खिलाफ नहीं हैं।
लेबनान और दुनिया की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
लेबनान की सरकार और Hezbollah ने इस कदम की कड़ी निंदा की है और इसे अपनी जमीन पर कब्जा बताया है। Hezbollah के प्रमुख Naim Qassem ने चेतावनी दी है कि युद्धविराम एकतरफा नहीं हो सकता और वे इस उल्लंघन का जवाब देंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, अमेरिका ने इस युद्धविराम में मदद की थी, जबकि फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने लेबनान की जमीन और UNIFIL सैनिकों की सुरक्षा पर चिंता जताई है। तुर्की ने भी इस कदम को गलत बताया है।
20 अप्रैल को क्या नया हुआ?
20 अप्रैल को इसराइल ने दावा किया कि उसकी सेना ने ‘Yellow Line’ पार करने वाले एक हथियारबंद व्यक्ति को मार गिराया। इसराइल ने एक विस्तृत नक्शा भी जारी किया, जिसमें उसकी 5 सैन्य डिवीजनों और नौसेना की तैनाती दिखाई गई है जो लेबनान के अंदर Hezbollah के ठिकानों को खत्म करने में जुटे हैं। दूसरी तरफ, लेबनान की नेशनल न्यूज़ एजेंसी (NNA) ने बताया कि युद्धविराम के बावजूद सीमावर्ती गांवों में घर गिराए जा रहे हैं।
| मुख्य घटना | विवरण |
|---|---|
| सैन्य कार्रवाई | ‘Yellow Line’ पार करने वाले व्यक्ति को मारा गया |
| नक्शा जारी | लेबनान के अंदर 5 डिवीजनों की तैनाती का खुलासा |
| लेबनान की रिपोर्ट | सीमावर्ती गांवों में घरों की तबाही और तलाशी जारी |
| नागरिक स्थिति | कुछ विस्थापित लोग अपने घरों को वापस लौटने लगे |