इसराइल की सेना ने दक्षिणी लेबनान में रहने वाले आम लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है. सेना ने साफ कहा है कि जो लोग ज़हरानी नदी के दक्षिण में रह रहे हैं, वे अपनी और अपने परिवार की जान बचाने के लिए तुरंत वहां से निकल जाएं. यह आदेश 15 अप्रैल 2026 को दिया गया है ताकि लोग सैन्य हमलों से सुरक्षित रह सकें.
इसराइल ने यह चेतावनी क्यों जारी की?
इसराइल के सैन्य प्रवक्ता अविचाई अद्राई ने बताया कि इस इलाके में हिज़्बुल्लाह की गतिविधियों को रोकने के लिए भारी हवाई हमले और सैन्य ऑपरेशन किए जा रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग हिज़्बुल्लाह के ठिकानों या उनके सदस्यों के पास रहेंगे, उन्हें भारी जोखिम उठाना पड़ सकता है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ होने वाला कोई भी समझौता लेबनान के लिए मान्य नहीं होगा और सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी.
लेबनान के लोगों पर क्या असर पड़ा है?
संयुक्त राष्ट्र (UN) और इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) की रिपोर्ट के मुताबिक, इसराइल के इन आदेशों ने लेबनान में भारी तबाही मचाई है. लाखों लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं. इस संकट के बीच 15 अप्रैल 2026 को वॉशिंगटन में लेबनान और इसराइल के बीच सीधी बातचीत भी हुई, जिसमें अमेरिका के विदेश मंत्री ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रभावित इलाका | ज़हरानी नदी के दक्षिण का हिस्सा |
| विस्थापित लोग | 10 लाख से ज़्यादा |
| प्रभावित क्षेत्र | लेबनान का 14% हिस्सा |
| प्रभावित गांव और शहर | 100 से ज़्यादा |
| मुख्य कारण | हिज़्बुल्लाह के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन |
