पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बहुत तेजी से बढ़ गया है। 7 जून 2026 को ईरान की तरफ से इसराइल पर एक साथ कई मिसाइलें दागी गईं, जिसके बाद अब इसराइल ने बहुत बड़ी जवाबी कार्रवाई करने की खुली चेतावनी दे दी है। इसराइली अधिकारियों का कहना है कि ईरान को इस हमले की बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और उनके खिलाफ बहुत ही सख्त कदम उठाया जाएगा। अप्रैल में लागू हुए एक कमजोर युद्धविराम के बाद यह पहला मौका है जब दोनों देशों के बीच सीधे तौर पर इतनी बड़ी गोलाबारी हुई है।

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इसराइल ने जवाबी हमले को लेकर क्या कहा?

ईरान के हमले के तुरंत बाद इसराइल के राजनीतिक और सैन्य हलकों से बहुत बड़े बयान सामने आए हैं। इस जवाबी रणनीति के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • सैन्य प्रमुख की बड़ी चेतावनी: इसराइली सेना के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल ईयाल ज़मीर ने साफ़ कहा है कि जैसे ही सरकार से हरी झंडी मिलेगी, वैसे ही सेना पूरी ताकत के साथ ईरान पर हमला कर देगी।
  • अधिकारी ने दी कड़ी चेतावनी: मीडिया वेबसाइट ‘वाला’ के हवाले से एक इसराइली अधिकारी ने बताया है कि ईरान पर होने वाला जवाबी हमला बहुत ही गंभीर और बड़े दायरे में होगा।
  • सुरक्षा के लिए स्कूल बंद: मिसाइल हमलों के बाद सुरक्षा को देखते हुए सोमवार, 8 जून 2026 को पूरे इसराइल में स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। हालांकि, इसराइल के परिवहन मंत्रालय ने साफ़ किया है कि उनका हवाई क्षेत्र खुला रहेगा।

ईरान ने क्यों किया इसराइल पर यह मिसाइल हमला?

रविवार को हुए इस मिसाइल हमले के पीछे के मुख्य कारण और दोनों तरफ के दावे कुछ इस प्रकार हैं:

  • बेरूत हवाई हमले का बदला: इसराइल ने 7 जून 2026 को बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में एक हवाई हमला किया था, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई थी और 20 लोग घायल हुए थे। ईरान ने इसी हमले का बदला लेने के लिए इसराइल पर मिसाइलें दागीं।
  • रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की धमकी: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इस हमले को महज एक चेतावनी बताया है। उन्होंने कहा है कि अगर इसराइल ने दोबारा कोई हमला या पलटवार किया, तो उसे इससे भी अधिक दर्दनाक और विनाशकारी हमले का सामना करना पड़ेगा।
  • इसराइल का पक्ष: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने पुष्टि की कि उन्होंने बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले किए थे। नेतन्याहू ने दावा किया कि उनकी सेना ने बीते सप्ताह में हिजबुल्लाह के 350 सदस्यों को मार गिराया है।

इस तनाव पर वैश्विक नेताओं और सऊदी अरब का क्या रुख है?

इस बड़ी सैन्य हलचल के बाद दुनिया के अन्य देशों ने भी अपने बयान जारी किए हैं, जिससे इस क्षेत्र के हालात और स्पष्ट होते हैं:

  • अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस तनाव को देखते हुए ईरान को मिसाइल हमले रोकने की सलाह दी है। उन्होंने ईरान से कहा है कि वह बातचीत की मेज पर वापस लौटे और कोई समझौता करे। रिपोर्ट के अनुसार, वह इसराइली प्रधानमंत्री को भी इस मामले को और न बढ़ाने की सलाह देंगे।
  • सऊदी अरब का रुख: सऊदी अरब के एक अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे किसी भी सैन्य हमले के लिए अपनी हवाई सीमा का उपयोग करने की अनुमति नहीं देंगे। इसके साथ ही सऊदी अरब ने लेबनान पर हुए इसराइली हमलों की निंदा की है और तनाव कम करने की वकालत की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के हमले के बाद क्या इसराइल ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है?

नहीं, इसराइल के परिवहन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि मिसाइल हमलों के बावजूद उनका हवाई क्षेत्र यानी एयरस्पेस सामान्य रूप से खुला रहेगा।

क्या इसराइल में सुरक्षा के चलते स्कूलों को बंद किया गया है?

हाँ, मिसाइल हमलों के बाद सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखते हुए सोमवार, 8 जून 2026 को पूरे इसराइल में स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।