इसराइल की सेना ने लेबनान सीमा के पास हिज़बुल्लाह का एक गुप्त अंडरग्राउंड रास्ता खोज निकाला है। यह रास्ता करीब 80 मीटर लंबा था और इसका इस्तेमाल हिज़बुल्लाह के लड़ाके कर रहे थे। इसराइल ने पहले इस रास्ते की जांच की और फिर इसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया।

इसराइल आर्मी ने कैसे ढूंढा हिज़बुल्लाह का यह गुप्त रास्ता?

इसराइल आर्मी के 146वें डिवीजन की 401वीं ब्रिगेड कॉम्बैट टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। सेना को पता चला कि जमीन के नीचे 80 मीटर लंबा एक रास्ता बना हुआ है जिसमें कई कमरे भी थे। सेना ने पहले वहां से सबूत इकट्ठा किए और फिर इंजीनियरिंग फोर्स की मदद से इसे उड़ा दिया।

  • ऑपरेशन का मकसद: उत्तरी सीमा पर सुरक्षा खतरों को खत्म करना था।
  • पिछला एक्शन: इससे पहले 30 अप्रैल को भी इसराइल ने रस अल-बयादा इलाके में 140 मीटर लंबी सुरंग को तबाह किया था।
  • विस्फोटक का इस्तेमाल: उस पुरानी सुरंग को खत्म करने के लिए 24 टन से ज्यादा विस्फोटक इस्तेमाल किए गए थे।

क्या इस हमले के बाद भी युद्ध विराम लागू है?

इसराइल और हिज़बुल्लाह के बीच 17 अप्रैल से एक युद्ध विराम समझौता हुआ था जिसे 17 मई तक बढ़ाया गया है। लेकिन जमीनी हालात इसके उलट रहे। इसराइल पर आरोप है कि वह रोजाना गोलाबारी कर रहा है जिससे लेबनान के गांवों में घरों को भारी नुकसान हुआ है और लोग घायल हुए हैं।

3 मई को जब यह सुरंग मिली तब हिज़बुल्लाह ने भी इसराइल की सेना पर कई रॉकेट दागे। जवाब में इसराइल ने दक्षिण लेबनान के कई शहरों पर हवाई हमले किए। हिज़बुल्लाह ने उत्तरी इसराइल के अविविम इलाके को भी अपने निशाने पर लिया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इसराइल को लेबनान में क्या मिला?

इसराइल आर्मी को हिज़बुल्लाह का 80 मीटर लंबा एक अंडरग्राउंड रास्ता मिला जिसमें कई कमरे बने हुए थे। सेना ने जांच के बाद इसे नष्ट कर दिया।

इसराइल और हिज़बुल्लाह के बीच युद्ध विराम की क्या स्थिति है?

युद्ध विराम 17 अप्रैल से शुरू होकर 17 मई तक लागू था, लेकिन दोनों तरफ से गोलाबारी और हमले जारी रहे जिससे समझौता पूरी तरह प्रभावी नहीं रहा।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.