Israel Incursion in Syria: सीरिया के कुनेत्रा में इजरायली सैनिकों का बड़ा हमला, दो नागरिकों का किया अपहरण.

Nura Basta19 August 20262 min read52 viewsWorld
Israel Incursion in Syria: सीरिया के कुनेत्रा में इजरायली सैनिकों का बड़ा हमला, दो नागरिकों का किया अपहरण.

बुधवार, 19 अगस्त 2026 को दक्षिण-पश्चिम सीरिया के कुनेत्रा ग्रामीण इलाके में जुबाता अल-खाशाब शहर के अंदर इजरायली बलों ने एक सीमा पार घुसपैठ को अंजाम दिया। इस सैन्य अभियान के दौरान घरों की तलाशी ली गई और दो सीरियाई नागरिकों का अपहरण करके उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। सीरियाई सरकारी टेलीविजन, रोया न्यूज और टीआरटी वर्ल्ड सहित कई रिपोर्टों ने इस घटना की पुष्टि की है। टीआरटी वर्ल्ड ने साफ किया कि दक्षिणी कुनेत्रा क्षेत्र के अल-बसाली और उम्मे अल-लुकासफार्म्स में इजरायली गश्ती दल आगे बढ़े थे और उन्होंने इन दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया।

सीरिया और इजरायल के बीच तनाव बढ़ा

इस ताजा घटना पर अभी तक न तो दमिश्क और न ही तेल अवीव की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पूरे क्षेत्र में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है। दिसंबर 2024 में बशर अल-असद शासन के पतन के बाद, इजरायल ने 1974 के डिसएंगेजमेंट समझौते को रद्द घोषित कर दिया था। इसके बाद इजरायल ने सीरियाई गोलान हाइट्स और डिमिलिटराइज्ड बफर जोन में अपनी सैन्य उपस्थिति को काफी बढ़ा लिया है। वर्तमान समय में सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शराा एक सुरक्षा समझौते की कोशिश कर रहे हैं जिसका मुख्य उद्देश्य 1974 की ताकतों को वापस उसी लाइन पर लाना है।

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क्षेत्र में लगातार हो रही सैन्य गतिविधियां

यह घटना सीरियाई क्षेत्र में चल रही सैन्य गतिविधियों के एक बड़े सिलसिले का हिस्सा है। इससे पहले 18 अगस्त 2026 को इजरायल ने इदलिब प्रांत के अबू अल-धुहुर सैन्य हवाई अड्डे पर एक हवाई हमला किया था। इजरायल का कहना था कि तुर्की के सैनिकों की तैनाती से जो सुरक्षा खतरे पैदा हो रहे हैं, उनसे निपटने के लिए यह हमला जरूरी था। हालांकि सीरिया के विदेश मंत्रालय ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और इसे देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया।

इसके अलावा 15 अगस्त 2026 को इजरायली डायस्पोरा मामलों के मंत्री अमीचाइ चिक्ली ने चेतावनी दी थी कि सीरिया के हालात आने वाले समय में एक बड़े संघर्ष में बदल सकते हैं। उन्होंने इन हालातों को 'गाजा ऑन स्टेरॉयड' करार दिया था। साल 2024 के अंत से लेकर अब तक कुनेत्रा और दारा क्षेत्र में सैन्य छापे मारना, घरों की तलाशी लेना और जगह-जगह चौकियां बनाना एक आम बात बन चुकी है जो लगभग हर रोज हो रही है।

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