नब्लुस में तनाव बढ़ गया है जहाँ इसराइली सेना ने पत्रकारों पर स्टन ग्रेनेड दागे. यह घटना तब हुई जब इसराइली सैनिक कुछ बसने वालों (settlers) को लेकर जोसेफ टॉम्ब के अंदर घुसे. यह इलाका पूरी तरह से फिलिस्तीन अथॉरिटी के कंट्रोल में आता है और यहाँ घुसपैठ के बाद माहौल गरमा गया है.

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नब्लुस में असल में क्या हुआ?

अल जजीरा इंग्लिश की रिपोर्ट के मुताबिक, 16 अप्रैल 2026 को इसराइली सेना ने नब्लुस में एक रेड की. इस दौरान वहां रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों की तरफ स्टन ग्रेनेड फेंके गए. साथ ही, सेना की सुरक्षा में कुछ इसराइली बसने वाले जोसेफ टॉम्ब में दाखिल हुए. इस पूरी घटना के दौरान मौके पर काफी अफरातफरी रही.

जोसेफ टॉम्ब और इलाके का विवाद क्या है?

जोसेफ टॉम्ब नब्लुस का एक ऐसा धार्मिक स्थल है जिसे मुस्लिम और यहूदी दोनों मानते हैं. यह इलाका ‘एरिया ए’ में आता है जो कि पूरी तरह से फिलिस्तीनी अथॉरिटी (PA) के कंट्रोल में है. ओस्लो समझौते के हिसाब से यहाँ इसराइली नागरिकों का जाना मना है, फिर भी अक्सर सेना की सुरक्षा में यहाँ घुसपैठ होती रहती है जिससे टकराव बढ़ता है.

हाल के दिनों में यहाँ क्या-क्या हुआ?

पिछले कुछ महीनों से इस इलाके में हालात काफी खराब रहे हैं और कई ऐसी घटनाएँ सामने आई हैं:

  • मार्च 2026 में भी इसराइली बसने वालों ने जोसेफ टॉम्ब पर धावा बोला था.
  • मार्च में ही नब्लुस और बेथलेहम के रास्तों पर बसने वालों ने फिलिस्तीनियों का रास्ता रोका था.
  • 14 अप्रैल 2026 को हीब्रोन के मसाफर यट्टा में सेना ने चरवाहों पर हमला किया था.
  • फरवरी 2026 में हीब्रोन में पत्रकारों और विदेशी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था.
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.