वेस्ट बैंक के मसाफ़र यट्टा इलाके में स्कूल जा रहे बच्चों पर इसराइली सेना ने आंसू गैस और साउंड बम चलाए. यह घटना तब हुई जब बच्चों के रास्ते में एक बाड़ लगा दी गई थी जिससे उनका रास्ता बंद हो गया था. स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक इस हमले की वजह से बच्चों को सांस लेने में काफी तकलीफ हुई और इलाके में डर का माहौल बन गया.

बच्चों के साथ क्या हुआ और कैसे रोका गया रास्ता?

13 अप्रैल 2026 को इसराइली सेना ने उन स्कूली बच्चों की तरफ आंसू गैस और साउंड बम दागे जो अपने स्कूल पहुँचने की कोशिश कर रहे थे. बच्चों के रास्ते में अचानक एक बाड़ लगा दी गई थी जिससे उनका रास्ता रुक गया था. रिपोर्ट के अनुसार इलाके की मुख्य सड़क को भी वहां रहने वाले सेटलर्स ने ब्लॉक कर दिया था जिससे बच्चों और उनके परिवार परेशानी में पड़ गए.

मसाफ़र यट्टा इलाके में क्या विवाद है?

इसराइली अधिकारियों ने मसाफ़र यट्टा के इस हिस्से को Firing Zone 918 घोषित किया है. इसका इस्तेमाल सेना की ट्रेनिंग के लिए किया जाता है. इसी वजह से यहाँ रहने वाले लोगों की आवाजाही पर कड़ी पाबंदी है और उनके घरों को गिराने का खतरा बना रहता है. अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक आम नागरिकों को उनके घरों से जबरन हटाना गलत है.

इलाके में पिछले दो दिनों के हालात क्या रहे?

12 और 13 अप्रैल के बीच इसराइली सेना ने वेस्ट बैंक और पूर्वी यरूशलेम में कई जगहों पर छापेमारी की. मसाफ़र यट्टा में भी सैनिकों ने घरों की तलाशी ली और कई मिलिट्री चेकपॉइंट्स बनाए. इससे पहले 12 अप्रैल को भी स्थानीय निवासियों के साथ मारपीट की खबरें आईं और आरोप लगा कि सेटलर्स ने चरवाहों पर हमला कर ज़मीन हड़पने की कोशिश की.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.