इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री Naftali Bennett ने 27 जुलाई 2026 को कतर की कड़ी आलोचना की है। बेनेट ने आरोप लगाया है कि कतर ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और हमास को आर्थिक मदद दी है, जिसके कारण 7 अक्टूबर 2023 के हमले हुए थे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे आगामी 27 अक्टूबर के चुनाव में प्रधानमंत्री चुने जाते हैं, तो कतर को आधिकारिक तौर पर दुश्मन देश घोषित कर देंगे।
कतर का आधिकारिक जवाब
इस पूरे मामले पर कतर दूतावास के प्रवक्ता Ali Al-Ansari ने जवाब दिया है। उन्होंने बेनेट के दावों को गलत और राजनीतिक फायदे के लिए फैलाई गई गलत जानकारी बताया है। उन्होंने कहा कि कतर हमेशा से ही क्षेत्रीय स्थिरता के लिए काम कर रहा है और गाजा में संघर्ष विराम तथा बंधकों की रिहाई के लिए इजरायली अधिकारियों के साथ मिलकर प्रयास करता रहा है।
फंडिंग पर विवाद
साल 2018 से इजरायली सरकार ने गाजा में मानवीय संकट को टालने के लिए कतर से नकद मदद लेने की अनुमति दी थी। बेनेट ने दावा किया कि उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने इन हस्तांतरणों को रोक दिया था क्योंकि वे इसे बड़ी गलती मानते थे। वहीं, प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जो पैसा कतर से आया, वह केवल मानवीय जरूरतों के लिए था और इसके लिए Shin Bet और Mossad ने सुझाव दिए थे।
