Gaza में इसराइल ने एक बार फिर अपने हमले तेज कर दिए हैं और वहां की लोकल पुलिस को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इस बीच विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘Board of Peace’ और उसकी प्रशासनिक कमेटी अब बेअसर हो गई है। इसराइल की इस कार्रवाई से इलाके में तनाव और बढ़ गया है।

इसराइल के हमले में कितने लोग मारे गए?

ताजा जानकारी के मुताबिक 26 अप्रैल 2026 को इसराइल ने Gaza में हमले बढ़ा दिए। पिछले 24 घंटों में कम से कम 4 फिलिस्तीनी मारे गए, जिनमें खान यूनिस की एक 40 साल की महिला भी शामिल है। पिछले एक हफ्ते में 25 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और अक्टूबर के ceasefire के बाद से अब तक 800 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। इसराइल ने यह भी माना है कि उसने 6 फिलिस्तीनी पुलिस अधिकारियों को मारा है, हालांकि इसका कोई सबूत नहीं दिया गया है।

ट्रंप की ‘Board of Peace’ की ताकत क्यों खत्म हुई?

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बनाई गई ‘Board of Peace’ और उसकी कमेटी NCAG (National Committee for the Administration of Gaza) अब सिर्फ नाम की रह गई है। डॉ. अली शाअथ के नेतृत्व वाली इस कमेटी को इसराइल ने इतना अलग-थलग कर दिया है कि यह जमीन पर कोई काम नहीं कर पा रही है। इसराइल अब Gaza के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से पर अपना सैन्य कंट्रोल कर चुका है, जिसे ‘येलो लाइन’ कहा जाता है।

मदद और ceasefire को लेकर क्या है विवाद?

अक्टूबर 2025 में इसराइल और Hamas के बीच एक समझौता हुआ था, लेकिन उसका पालन नहीं हो रहा है। Gaza में आने वाली मानवीय मदद बहुत कम हो गई है। नियम के हिसाब से 600 ट्रक रोज आने चाहिए थे, लेकिन अभी सिर्फ 150 से 190 ट्रक ही अंदर जा पा रहे हैं। Hamas का कहना है कि जब तक इसराइल वहां से अपनी सेना नहीं हटाता, वे हथियार नहीं डालेंगे। वहीं रिपब्लिकन रणनीतिकार अडोल्फो फ्रेंको ने कहा कि Hamas के हथियार न छोड़ने की वजह से ceasefire की प्रक्रिया रोक दी गई है।

Sushma Kumari

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