गज़ा में शांति समझौते के बावजूद हिंसा थम नहीं रही है. ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, इसराइल ने फिर से हमले किए हैं जिसमें कम से कम 12 फ़िलिस्तीनियों की जान चली गई है. यह घटना इसलिए गंभीर है क्योंकि यहाँ अक्टूबर 2025 से युद्धविराम लागू था, जिसके तहत सैन्य कार्वइयों को रोकने का वादा किया गया था.

👉: Iran Drone Attack: ईरान ने US युद्धपोतों पर दागे ड्रोन, अमेरिकी सेना ने जब्त किया ईरानी जहाज TOUSKA, तनाव बढ़ा

कहाँ और कैसे हुए ये हमले?

24 अप्रैल 2026 को इसराइल ने गज़ा पट्टी के अलग-अलग हिस्सों में हवाई हमले किए. खान यूनिस में एक पुलिस गाड़ी को निशाना बनाया गया, जिसमें 7 लोगों की मौत हुई, जिनमें दो पुलिस अधिकारी और तीन आम नागरिक शामिल थे. उत्तरी गज़ा के बेत लहिआ में कमाल अद्वान अस्पताल के पास घरों पर हमला हुआ, जहाँ एक महिला और एक बच्चे की जान चली गई. इसके अलावा गाज़ा सिटी के शेख रादवान पुलिस स्टेशन के पास भी हमला हुआ जिसमें दो पुलिसकर्मी मारे गए.

संयुक्त राष्ट्र और अधिकारियों का क्या कहना है?

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने कहा कि युद्धविराम के बाद भी गज़ा के लोग सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने इसराइल पर फ़िलिस्तीनियों की जान की अनदेखी करने का आरोप लगाया है. गज़ा के आंतरिक मंत्रालय ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है. दूसरी तरफ, हमास ने कहा है कि वे दूसरे चरण की बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन इसराइल मानवीय सहायता और बॉर्डर क्रॉसिंग खोलने में देरी कर रहा है.

शांति समझौते के क्या नियम थे?

नवंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 के तहत एक व्यापक योजना अपनाई गई थी. इस समझौते में सैन्य अभियानों को रोकने, घनी आबादी वाले इलाकों से इसराइली सेना को हटाने और विस्थापित लोगों की वापसी जैसे नियम शामिल थे. इस शांति प्रक्रिया में कतर, मिस्र, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे, लेकिन हालिया हमलों ने इस भरोसे को फिर से कमजोर कर दिया है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com