मेडिकल चैरिटी Doctors Without Borders (MSF) ने इसराइल पर एक बहुत गंभीर आरोप लगाया है। संस्था का कहना है कि इसराइल ने गाजा पट्टी में जानबूझकर भुखमरी का संकट पैदा किया है। मदद और खाने की सप्लाई रोककर वहां के लोगों, खासकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं की हालत बेहद खराब कर दी गई है।

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MSF ने इसराइल पर क्या गंभीर आरोप लगाए हैं

Doctors Without Borders (MSF) के मुताबिक, गाजा में भुखमरी का संकट प्राकृतिक नहीं बल्कि ‘बनाया गया’ है। संस्था की मेडिकल रेफरेंट Merce Rocaspana ने कहा कि युद्ध से पहले गाजा में कुपोषण लगभग ना के बराबर था। वहीं, MSF के इमरजेंसी हेड José Mas ने आरोप लगाया कि इसराइल ने खाने की सप्लाई पर पाबंदी लगाई और मदद पहुंचाने वाले रास्तों का सैन्यीकरण किया ताकि भूख को आबादी पर नियंत्रण के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सके। संस्था ने इसराइल से मांग की है कि मदद की सप्लाई में आने वाली सभी रुकावटें तुरंत हटाई जाएं।

बच्चों और महिलाओं पर इसका क्या असर पड़ा

इस संकट का सबसे बुरा असर छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर पड़ा है। MSF ने जनवरी 2024 से फरवरी 2026 के बीच के आंकड़े दिए हैं, जिनमें बताया गया कि:

  • 4,176 बच्चे: 15 साल से कम उम्र के इतने बच्चों को गंभीर कुपोषण के लिए भर्ती किया गया, जिनमें से 97 प्रतिशत बच्चे पांच साल से कम उम्र के थे।
  • 3,336 महिलाएं: इतनी गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को विशेष इलाज प्रोग्राम में रखा गया।
  • स्वास्थ्य प्रभाव: पोषण की कमी की वजह से बच्चों के समय से पहले जन्म लेने और उनकी मृत्यु दर में काफी बढ़ोतरी हुई है, साथ ही गर्भपात के मामले भी बढ़े हैं।

मदद पहुंचाने वाली संस्थाओं और नियमों का हाल

रिपोर्ट में Gaza Humanitarian Foundation (GHF) की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। यह संस्था 2025 में UN की जगह मदद बांटने आई थी, लेकिन इसके आने के बाद खाने के वितरण केंद्र 400 से घटकर सिर्फ चार रह गए, जिसके बाद नवंबर 2025 में यह संस्था बंद हो गई। वहीं, UNRWA के कर्मचारियों को मार्च 2025 से ही इलाके में जाने से रोक दिया गया था। दूसरी ओर, इसराइल की रक्षा संस्था COGAT का कहना है कि सहायता संस्थाओं के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया सिर्फ इसलिए है ताकि हमास मदद का गलत इस्तेमाल न कर सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

गाजा में कुपोषण के मामले कब से सामने आने लगे?

MSF ने जनवरी 2024 में बच्चों में कुपोषण के पहले मामले दर्ज किए थे और उसके बाद स्थिति लगातार बिगड़ती गई।

क्या गाजा में अभी युद्ध चल रहा है?

नहीं, अक्टूबर 2025 से वहां युद्धविराम लागू है, लेकिन MSF के अनुसार मदद की कमी की वजह से स्थिति अभी भी बहुत नाजुक बनी हुई है।