इसराइल में हंतावायरस (Hantavirus) के पहले मामले को लेकर सोशल मीडिया और खबरों में काफी चर्चा हो रही है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि वहां एक व्यक्ति संक्रमित मिला है, जबकि सरकार ने इसे नकार दिया है. इस विरोधाभासी खबर ने लोगों के बीच थोड़ी चिंता बढ़ा दी है.

इसराइल में हंतावायरस के मामले का क्या सच है?

7 मई 2026 को कई अखबारों जैसे ‘Ma’ariv’, ‘Sada El Balad’ और ‘Cairo 24’ ने खबर दी कि इसराइल में हंतावायरस का पहला केस मिला है. इन रिपोर्ट्स के मुताबिक, मरीज ने यह इन्फेक्शन कुछ महीने पहले पूर्वी यूरोप की यात्रा के दौरान लिया था. फिलहाल मरीज की हालत स्थिर है और वह डॉक्टरी निगरानी में है, उसे किसी खास आइसोलेशन की जरूरत नहीं है. हालांकि, इसराइल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर इस बात से इनकार किया है और कहा है कि हाल के दिनों में ऐसा कोई मामला डायग्नोस नहीं हुआ है.

क्या है यह हंतावायरस और यह कैसे फैलता है?

हंतावायरस ऐसे वायरस का समूह है जो मुख्य रूप से चूहों और गिलहरियों जैसे जानवरों से इंसानों में फैलता है. यह जानवरों के पेशाब, मल या लार से दूषित हवा में सांस लेने या संक्रमित सतह को छूने से फैलता है. इसके शुरुआती लक्षण बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और मतली जैसे होते हैं. अगर इलाज न मिले तो यह फेफड़ों या किडनी की गंभीर समस्या बन सकता है. इंसानों के बीच इसका फैलना बहुत दुर्लभ है, लेकिन ‘Andes’ नाम का एक स्ट्रेन बहुत करीबी संपर्क में आने पर एक व्यक्ति से दूसरे में जा सकता है.

World Health Organization (WHO) का इस पर क्या कहना है?

WHO के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस अदनोम गेब्रेसस ने साफ किया है कि यह स्थिति कोविड-19 जैसी महामारी की शुरुआत नहीं है. उन्होंने बताया कि दुनिया के बाकी हिस्सों के लिए फिलहाल इसका खतरा बहुत कम है. WHO यूरोप के डायरेक्टर डॉ. हंस क्लुग ने भी लोगों से घबराने की जरूरत नहीं बताई है और कहा है कि यात्रा पर कोई पाबंदी लगाने की जरूरत नहीं है. इसी बीच, ‘MV Hondius’ नाम के एक क्रूज शिप पर भी इस वायरस के मामले मिले हैं, जिसकी निगरानी WHO और अमेरिकी CDC कर रहे हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या हंतावायरस इंसानों से इंसानों में फैलता है

आम तौर पर यह वायरस जानवरों से इंसानों में फैलता है और इंसानों के बीच इसका फैलना बहुत दुर्लभ है. केवल ‘Andes’ स्ट्रेन ही बहुत करीबी संपर्क में आने पर व्यक्ति से व्यक्ति में फैल सकता है.

WHO के अनुसार क्या इस वायरस से दुनिया को खतरा है

WHO के अधिकारियों ने कहा है कि वर्तमान में दुनिया के लिए इसका खतरा बहुत कम है. उन्होंने इसे कोविड-19 जैसा महामारी का खतरा नहीं माना है और यात्रा प्रतिबंधों की जरूरत नहीं बताई है.