इसराइल की राजधानी यरूशलेम में हालात बिगड़ गए हैं। यहाँ सेना में अनिवार्य भर्ती के विरोध में हरेदी समुदाय के लोगों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिससे पूरे शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सेना में भर्ती को लेकर क्यों मचा है बवाल?
यह पूरा विवाद जून 2024 के एक अदालती फैसले से शुरू हुआ। इसराइल की सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि अब अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स (हरेदी) पुरुषों को भी सेना में भर्ती होना पड़ेगा। दशकों से इन्हें मिल रही सैन्य सेवा की छूट अब खत्म कर दी गई है। साथ ही, उन धार्मिक संस्थानों की सरकारी फंडिंग भी रोक दी गई है जिनके छात्र सेना में जाने से इनकार कर रहे हैं।
28 अप्रैल को क्या-क्या हुआ और किसने क्या कहा?
28 अप्रैल 2026 को हालात तब और खराब हो गए जब प्रदर्शनकारियों ने मिलिट्री पुलिस के चीफ के घर के पिछवाड़े में घुसने की कोशिश की। Jerusalem Faction नाम के एक कट्टरपंथी समूह ने एक छात्र की गिरफ्तारी के बाद ‘गुस्से का विरोध’ (protest of rage) करने का आह्वान किया था। इस घटना पर सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है:
- प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu: उन्होंने मिलिट्री पुलिस अधिकारी पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
- रक्षा मंत्री Israel Katz: उन्होंने प्रदर्शनकारियों को हिंसक अपराधी बताया और कहा कि उन्हें कानून के तहत कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
- राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री Itamar Ben-Gvir: उन्होंने पुलिस पर हमलों को एक ‘रेड लाइन’ बताया।
शहर की व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई
इस हंगामे की वजह से यरूशलेम के Tsahal Square और Beit Shemesh के Route 38 जैसी जगहों पर ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। पुलिस ने कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इसमें Breslov Hasidic sect के तीन सदस्य भी शामिल हैं, जिन पर एक अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स सैनिक के साथ मारपीट करने का आरोप है। पुलिस ने साफ किया है कि वे सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रखेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हरेदी समुदाय इसराइल में क्यों विरोध कर रहा है
हरेदी समुदाय इसराइल की सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का विरोध कर रहा है जिसके तहत अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स पुरुषों के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य कर दी गई है और उनकी पुरानी छूट खत्म कर दी गई है।
28 अप्रैल को किन मुख्य घटनाओं ने तनाव बढ़ाया
इस दिन मिलिट्री पुलिस चीफ के घर पर हमला हुआ और Jerusalem Faction द्वारा बुलाए गए विरोध प्रदर्शन के कारण शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक जाम और पुलिस के साथ झड़पें हुईं।