लेबनान में इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव चरम पर है। इसराइल का दावा है कि हिजबुल्लाह एम्बुलेंस का इस्तेमाल हथियार और लड़ाकों को ले जाने के लिए कर रहा है, लेकिन अब एक डॉक्टर ने इन बातों को पूरी तरह गलत बताया है। इस विवाद के बीच लेबनान में स्वास्थ्य कर्मियों पर हमलों की खबरें सामने आ रही हैं।

क्या है एम्बुलेंस के इस्तेमाल का पूरा विवाद?

सर्जन Dr. Tahir Mohammed ने अल जजीरा को बताया कि उन्हें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे यह पता चले कि हिजबुल्लाह एम्बुलेंस का इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसराइल के दावे पूरी तरह बेबुनियाद हैं। दूसरी तरफ, Israeli Military (IDF) का कहना है कि उनके पास ऐसे वीडियो सबूत हैं जिनमें एम्बुलेंस के जरिए हथियार ले जाए जा रहे हैं। इसराइल ने चेतावनी दी है कि अगर हिजबुल्लाह ने मेडिकल सुविधाओं का सैन्य इस्तेमाल बंद नहीं किया, तो वे इन ठिकानों को निशाना बनाएंगे।

स्वास्थ्य कर्मियों पर हमलों और अंतरराष्ट्रीय नियमों का सच

  • Lebanese Ministry of Health ने बताया कि 10 मई 2026 को इसराइल के हमलों में दो पैरामेडिक्स मारे गए और पांच अन्य घायल हुए।
  • World Health Organization (WHO) ने साफ किया है कि मेडिकल सुविधाओं का गलत इस्तेमाल होना, उन पर हमला करने का लाइसेंस नहीं देता। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एम्बुलेंस और डॉक्टरों को सुरक्षा मिलना जरूरी है।
  • Amnesty International ने कहा कि इसराइल बिना सबूत के हेल्थकेयर वर्कर्स पर हमले कर रहा है, जैसा उन्होंने 2024 में भी देखा था।
  • अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून (IHL) के मुताबिक, मेडिकल यूनिट तब तक सुरक्षित रहती हैं जब तक कि उनका उपयोग दुश्मन को नुकसान पहुंचाने के लिए न किया जाए, और वह भी चेतावनी देने के बाद ही।

Frequently Asked Questions (FAQs)

लेबनान में हाल ही में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ क्या हुआ?

10 मई 2026 को दक्षिणी लेबनान में हुए इसराइली हमलों में दो पैरामेडिक्स की मौत हो गई और पांच अन्य लोग घायल हुए।

अंतरराष्ट्रीय कानून एम्बुलेंस और अस्पतालों के बारे में क्या कहता है?

जेनेवा कन्वेंशन के अनुसार, युद्ध के दौरान मेडिकल यूनिट और एम्बुलेंस को हर हाल में सुरक्षित रखा जाना चाहिए। इन्हें निशाना बनाना युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है।