इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच युद्ध को रोकने के लिए 16 अप्रैल 2026 से 10 दिन का ceasefire शुरू हो गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते की घोषणा की है. हालांकि, युद्ध की वजह से घर छोड़ चुके लाखों लोग अब भी डरे हुए हैं और वापस जाने से पहले पूरी जानकारी का इंतज़ार कर रहे हैं.
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ceasefire के नियम क्या हैं और यह कब तक चलेगा?
यह ceasefire 16 अप्रैल को शाम 5 बजे (EST) से लागू हुआ. अमेरिका के मुताबिक यह एक सद्भावना कदम है ताकि दोनों देशों के बीच एक स्थायी शांति समझौता हो सके. अगर बातचीत में तरक्की हुई, तो इस 10 दिन की अवधि को आगे बढ़ाया जा सकता है. राष्ट्रपति ट्रंप ने शांति वार्ता के लिए इसराइल और लेबनान के नेताओं को व्हाइट हाउस आमंत्रित किया है.
इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच क्या विवाद है?
इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनकी सेना दक्षिण लेबनान में लिटानी नदी तक अपने सुरक्षा क्षेत्र में बनी रहेगी. उन्होंने वहां के निवासियों को वापस न आने की चेतावनी दी है. दूसरी तरफ, हिजबुल्लाह ने लोगों से अभी घर न लौटने की अपील की है. हिजबुल्लाह का कहना है कि जब तक इसराइली सेना पूरी तरह बाहर नहीं जाती और हमले बंद नहीं होते, तब तक वापसी जोखिम भरी है.
युद्ध का अब तक क्या असर हुआ है?
2 मार्च 2026 से शुरू हुए इस संघर्ष ने बहुत तबाही मचाई है. दक्षिण लेबनान के कई गांव पूरी तरह तबाह हो चुके हैं. युद्ध विराम से ठीक पहले भी दोनों तरफ से भारी गोलाबारी हुई थी, जिसमें इसराइल ने 200 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया था.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| ceasefire की तारीख | 16 अप्रैल 2026 |
| समय अवधि | 10 दिन |
| विस्थापित लोग | 10 लाख से ज्यादा |
| कुल मौतें | 2,100 से अधिक |
| मध्यस्थ देश | अमेरिका |
| इसराइल की शर्त | लिटानी नदी तक सेना की मौजूदगी |
| हिजबुल्लाह की मांग | पूरी तरह सेना की वापसी |
