इसराइल और लेबनान के हिजबुल्लाह के बीच 10 दिनों का एक नाज़ुक युद्धविराम शुरू हुआ है। 17 अप्रैल से लागू हुए इस समझौते का आज चौथा दिन है, लेकिन हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका की मध्यस्थता में हुए इस समझौते का मकसद इलाके में शांति लाना है, पर ज़मीन पर अभी भी झड़पें सुनने को मिल रही हैं।

युद्धविराम के नियम क्या हैं और यह कब तक चलेगा?

यह समझौता 17 अप्रैल को शुरू हुआ और 26 अप्रैल तक चलेगा। अगर बातचीत सही रही और लेबनान ने अपनी संप्रभुता दिखाई, तो इस समय सीमा को आगे बढ़ाया जा सकता है। नियमों के मुताबिक इसराइल लेबनान में हमले नहीं करेगा, लेकिन अपनी सुरक्षा के लिए कार्रवाई करने का हक रखता है। वहीं लेबनान की सरकार को यह पक्का करना होगा कि हिजबुल्लाह या अन्य समूह इसराइल पर हमला न करें।

क्या वास्तव में शांति है या अभी भी हमले हो रहे हैं?

कागजों पर शांति होने के बावजूद हकीकत अलग है। 19 अप्रैल को इसराइल ने हिजबुल्लाह के एक लड़ाके को खत्म किया और अगली रात एक रॉकेट लॉन्चर पर बमबारी की। इसराइली सेना ने इसे अपनी सुरक्षा के लिए ज़रूरी बताया। इसके अलावा दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में इमारतों को गिराने का काम भी जारी है ताकि हिजबुल्लाह का नेटवर्क खत्म किया जा सके। कई विस्थापित परिवार घर लौट रहे हैं, लेकिन वहां सब कुछ तबाह मिला है।

नेताओं की राय और आने वाली मीटिंग्स की जानकारी

इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इसे मज़बूती के साथ शांति की ओर एक कदम बताया है। दूसरी ओर, लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने उम्मीद जताई है कि बातचीत से स्थायी शांति आएगी और इसराइली सेना दक्षिण से हटेगी। UN के महासचिव António Guterres ने भी इस कदम का स्वागत किया है। अब 23 अप्रैल को अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट में इसराइल और लेबनान के राजदूतों के बीच दोबारा सीधी बातचीत होगी।

मुख्य विवरण जानकारी
शुरुआत की तारीख 17 अप्रैल 2026
समाप्ति की तारीख 26 अप्रैल 2026
मध्यस्थ देश अमेरिका (USA)
मुख्य पक्ष इसराइल, लेबनान, हिजबुल्लाह
अगली बैठक 23 अप्रैल 2026
वर्तमान स्थिति नाज़ुक (उल्लंघनों की रिपोर्ट)
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.