लेबनान और इसराइल के बीच युद्ध फिर से तेज हो गया है। शुक्रवार को हुए ceasefire समझौते के बावजूद दोनों तरफ से हमले जारी हैं, जिससे पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है। इस लड़ाई का असर अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ रहा है क्योंकि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है।

असल में 17 जून 2026 को अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के बीच एक समझौता (MOU) हुआ था, जिसमें सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकने की बात कही गई थी। इसके बाद 19 जून को अमेरिका, कतर और ईरान की मध्यस्थता से Israel और Hezbollah के बीच एक नया ceasefire लागू हुआ, लेकिन यह ज्यादा देर तक नहीं टिका।

दोनों पक्षों के गंभीर आरोप

Hezbollah ने आरोप लगाया कि इसराइल ने ceasefire का उल्लंघन करते हुए आम नागरिकों पर हमले किए और उनके गांवों में घुसने की कोशिश की। Hezbollah का कहना है कि इसराइल ने नवंबर 2024 से किसी भी समझौते का पालन नहीं किया है। वहीं दूसरी ओर, Israel Defense Forces (IDF) ने कहा कि उन्होंने Hezbollah के 80 ठिकानों को निशाना बनाया क्योंकि Hezbollah ने उनके सैनिकों पर 50 से ज्यादा मिसाइलें दागी थीं।

जंग में हुए नुकसान का ब्यौरा

19 और 20 जून के बीच हुई इस लड़ाई में भारी तबाही हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान में 18 से 47 लोग मारे गए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। वहीं इसराइल के चार सैनिक मारे गए हैं। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चेतावनी दी है कि Hezbollah को इन मौतों की भारी कीमत चुकानी होगी।

सुरक्षा जोन और ईरान का कड़ा रुख

विवाद की एक बड़ी वजह दक्षिण लेबनान में इसराइल द्वारा बनाया गया 10 किलोमीटर का सुरक्षा जोन है। इसराइल अपनी सेना को वहां से हटाने को तैयार नहीं है, जिसे ईरान और Hezbollah समझौते का उल्लंघन मान रहे हैं। इसी तनाव के बीच ईरान ने सख्त कदम उठाते हुए Strait of Hormuz को बंद कर दिया है और स्विट्जरलैंड में होने वाली बातचीत को भी आगे बढ़ा दिया है।

संयुक्त राष्ट्र (UN) और UNIFIL ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है और दोनों पक्षों से युद्ध रोकने की अपील की है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि शांति के लिए लेबनान और इसराइल के बीच सीधी बातचीत ही एकमात्र रास्ता है।