इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच हुआ सीजफायर अब खतरे में है। दोनों तरफ से एक-दूसरे पर आरोप लग रहे हैं और हमले फिर से शुरू हो गए हैं। लेबनान के दक्षिणी हिस्से में हालात काफी खराब हो चुके हैं और आम लोग इस हिंसा की चपेट में आ रहे हैं।

सीजफायर क्यों टूटा और हिजबुल्लाह ने क्या कहा?

हिजबुल्लाह ने इसराइल के उन आरोपों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि वह युद्धविराम को कमजोर कर रहा है। हिजबुल्लाह का कहना है कि इसराइल ने पहले सीजफायर के नियमों को तोड़ा, इसलिए उसके खिलाफ ऑपरेशन चलाना सही है। 26 अप्रैल को हिजबुल्लाह ने लेबनान के Taybeh इलाके में इसराइली सेना पर एक ग्लाइडर से हमला किया। हिजबुल्लाह नेता अली फय्याद ने कहा कि इसराइल की गोलाबारी और हत्याओं की वजह से यह सीजफायर अब बेकार हो चुका है और उनके पास जवाब देने का पूरा हक है।

इसराइल का क्या जवाब है और क्या कदम उठाए?

इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने एक मीटिंग में कहा कि हिजबुल्लाह सीजफायर को खत्म कर रहा है। उन्होंने साफ किया कि इसराइल अमेरिका और लेबनान के साथ हुई बातों के हिसाब से काम कर रहा है और किसी भी खतरे का जवाब देना उसका हक है। इसराइली सेना ने दक्षिण लेबनान के सात गांवों के लोगों को वहां से हटने का आदेश दिया है क्योंकि वहां जल्द ही हमले होने वाले हैं। सेना ने तीन ड्रोन को भी अपनी सीमा में घुसने से पहले ही रोक लिया।

लेबनान के हालात क्या हैं और कितने लोग मारे गए?

लेबनान में स्थिति काफी गंभीर है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में इसराइली हमलों में 7 लोगों की मौत हुई और 24 लोग घायल हुए। Zawtar al-Sharqiyah इलाके में एक मोटरसाइकिल पर ड्रोन हमला भी हुआ। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने सीजफायर की अवधि को बढ़ाया था, लेकिन यह समझौता बहुत कमजोर साबित हो रहा है क्योंकि इसमें निगरानी का कोई मजबूत तरीका नहीं है जिससे यह पता चल सके कि हमला किसने शुरू किया।