इसराइल और हिज़्बुल्लाह में फिर छिड़ा तनाव, सीज़फायर के बीच हुई गोलाबारी, एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत

इसराइल और लेबनान के बीच हुआ शांति समझौता अब खतरे में दिख रहा है. सीज़फायर लागू होने के बावजूद दक्षिणी लेबनान में फिर से हमले शुरू हो गए हैं. इस बीच एक फ्रांसीसी शांति सैनिक की मौत ने मामले को और गंभीर बना दिया है, जिसके लिए फ्रांस ने सीधा हिज़्बुल्लाह को ज़िम्मेदार ठहराया है.

मुख्य बिंदु विवरण
तारीख 18 अप्रैल 2026
घटना दक्षिणी लेबनान में IDF के हमले और UNIFIL पर हमला
हताहत एक फ्रांसीसी सैनिक (फ्लोरियन मोंटोरियो) की मौत, तीन घायल
सीज़फायर डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मध्यस्थता किया गया 10 दिनों का समझौता
विवादित क्षेत्र येलो लाइन (Israeli military deployment line)
मुख्य बयान महमूद कमाती ने सीधी बातचीत को नकारा

सीज़फायर के बाद इसराइल ने क्यों किए हमले?

इसराइल की सेना (IDF) ने पुष्टि की है कि दक्षिणी लेबनान में उन्होंने हवाई हमले किए हैं. IDF का कहना है कि हिज़्बुल्लाह ने सीज़फायर के नियमों का उल्लंघन किया था. सेना के मुताबिक कुछ लड़ाके ‘येलो लाइन’ के पास आए, जिससे खतरा बढ़ गया था. इसराइल ने साफ़ किया कि आत्मरक्षा में की गई यह कार्रवाई सीज़फायर के नियमों के दायरे से बाहर है और वह अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए कोई भी कदम उठाएगा.

फ्रांसीसी सैनिक की मौत और UNIFIL की रिपोर्ट

लेबनान के घन्दुरिया गांव में तैनात UNIFIL शांति सैनिकों पर जानलेवा हमला हुआ. इस हमले में फ्रांस के सार्जेंट मेजर फ्लोरियन मोंटोरियो की मौत हो गई और तीन अन्य सैनिक घायल हुए. फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर हिज़्बुल्लाह को ज़िम्मेदार ठहराया है. उन्होंने लेबनान सरकार से मांग की है कि हमलावरों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए. UNIFIL ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट में इसे गैर-सरकारी लड़ाकों द्वारा किया गया हमला बताया है.

हिज़्बुल्लाह ने बातचीत के प्रस्ताव को क्यों नकारा?

हिज़्बुल्लाह के वरिष्ठ अधिकारी महमूद कमाती ने इसराइल के साथ किसी भी सीधी बातचीत को पूरी तरह खारिज कर दिया है. उन्होंने ऐसी बातचीत को कमज़ोर और असफल बताया. कमाती ने कहा कि ज़मीन पर मौजूद प्रतिरोध ही फैसले लेता है और वही फैसले लागू करता है. वहीं, हिज़्बुल्लाह ने फ्रांसीसी सैनिक की मौत में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है और आरोपों पर जल्दबाज़ी न करने की सलाह दी है.