इसराइल और लेबनान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। हिजबुल्ला ने इसराइली सेना पर 50 से ज्यादा रॉकेट दागे, जिसके बाद इसराइल ने भी जोरदार जवाबी हमला किया। इस हिंसा में दोनों तरफ जान-माल का भारी नुकसान हुआ है और पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
हिजबुल्ला का हमला और इसराइल की जवाबी कार्रवाई
19 और 20 जून 2026 की दरमियानी रात को हिजबुल्ला ने दक्षिणी लेबनान में तैनात इसराइली सैनिकों को निशाना बनाते हुए 50 से अधिक प्रोजेक्टाइल्स दागे। इस हमले के दौरान लेबनान के कफर तेबनित गांव में एक टैंक पर हुए हमले में इसराइल के 4 सैनिक मारे गए।
जवाब में इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि हिजबुल्ला को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। उनके आदेश पर इसराइली सेना ने नबातियेह, उसके आसपास के कस्बों और Bekaa Valley में करीब 150 ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसमें कई लड़ाके मारे गए।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि इसराइली हमलों में अब तक कम से कम 47 लोग मारे गए हैं और 97 लोग घायल हुए हैं। भारी बमबारी की वजह से दक्षिणी लेबनान की सड़कों पर भीड़ जमा हो गई और लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित जगहों की ओर भागने लगे।
शांति समझौते पर खतरा और युद्धविराम की कोशिश
इस हिंसा ने अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए एक अंतरिम शांति समझौते को खतरे में डाल दिया है। इस समझौते में सभी मोर्चों पर युद्ध रोकने की बात कही गई थी। तनाव बढ़ने के बाद अमेरिका, ईरान और कतर की मध्यस्थता से एक कमजोर युद्धविराम लागू किया गया।
ईरान के मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf ने चेतावनी दी कि अगर समझौते का उल्लंघन हुआ तो दुश्मन को निर्णायक जवाब दिया जाएगा। हालांकि, युद्धविराम की खबरों के बावजूद जमीन पर लड़ाई जारी रही। नबातियेह में फिर से हमले हुए और इसराइल के Zarit इलाके में चेतावनी सायरन बजने लगे।
इसराइली सेना के प्रवक्ता Brig. Gen. Effie Defrin ने बताया कि सेना अपने चीफ ऑफ स्टाफ के आदेशों पर काम कर रही है और उनके पास पूरी ऑपरेशनल आजादी है।