इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष में एक बड़ी खबर सामने आई है। इसराइली सेना ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि उन्होंने अब तक हिज़्बुल्लाह की आर्टिलरी यूनिट के 250 सदस्यों को खत्म कर दिया है। इस ऑपरेशन में 15 बड़े कमांडर भी मारे गए हैं जो अलग-अलग इलाकों में आर्टिलरी सिस्टम की कमान संभाल रहे थे। इस घोषणा के बाद सीमावर्ती इलाकों में तनाव और भी बढ़ गया है और दोनों तरफ से हमले तेज़ हो गए हैं।

इसराइली सेना के ऑपरेशन की मुख्य जानकारी

इसराइली सेना ने अपनी ताज़ा अपडेट में बताया कि पिछले कुछ दिनों में उन्होंने लेबनान के भीतर कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया है। सेना की डिवीजन 91 ने लेबनान में शुरू किए गए विशेष ऑपरेशन के दौरान सैकड़ों लड़ाकों को मार गिराने का दावा किया है।

  • हिज़्बुल्लाह की ‘नासिर’ यूनिट के आर्टिलरी प्रभारी अली कामिल अब्दुल हसन को मार गिराया गया है।
  • सेना ने अब तक हिज़्बुल्लाह के 200 से ज़्यादा रॉकेट लॉन्चर पूरी तरह तबाह कर दिए हैं।
  • दक्षिण लेबनान में एक ऑपरेशन के दौरान छिपकर भाग रहे लड़ाकों की गाड़ी को भी निशाना बनाया गया।
  • प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि उत्तरी इसराइल की सुरक्षा के लिए ये हमले जारी रहेंगे।

हिज़्बुल्लाह ने हमलों का किस तरह दिया जवाब?

हिज़्बुल्लाह ने भी इसराइली कार्रवाई के जवाब में कई बड़े हमले करने का दावा किया है। 10 अप्रैल 2026 को हिज़्बुल्लाह ने बताया कि उनके लड़ाकों ने खियाम इलाके के पास एक मर्कवा टैंक को ड्रोन से निशाना बनाया है। हिज़्बुल्लाह के अनुसार, उन्होंने हाइफ़ा शहर में इसराइली सेना के ठिकानों पर कई मिसाइलें दागी हैं और उत्तरी इसराइल के 5 अन्य सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है। संगठन का कहना है कि वे लेबनान के लोगों की रक्षा के लिए यह जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं।

युद्ध से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े

विवरण संख्या या स्थिति
मारे गए आर्टिलरी सदस्य 250 लड़ाके
मारे गए मुख्य कमांडर 15 अधिकारी
घायल इसराइली सैनिक 411 (फरवरी से अब तक)
हिज़्बुल्लाह के कुल हमले 1595 (मार्च से अब तक)
तबाह हुए लॉन्चर 200 से अधिक

इस पूरे संघर्ष में दोनों तरफ से भारी नुकसान की खबरें आ रही हैं। इसराइली सेना का दावा है कि हिज़्बुल्लाह ने संघर्ष विराम के नियमों का हज़ारों बार उल्लंघन किया है। वहीं हिज़्बुल्लाह का कहना है कि वे इसराइली और अमेरिकी हमलों का डटकर मुकाबला करते रहेंगे। इस स्थिति का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है।