लेबनान और इसराइल के बीच चल रही जंग में एक नया और ख़तरनाक मोड़ आ गया है। हिज़बुल्लाह ने अब इसराइली सेना के ख़िलाफ़ थर्मल और फ़ाइबर-ऑप्टिक विस्फोटक ड्रोन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये नए ड्रोन इसराइल के आधुनिक जैमिंग सिस्टम को भी आसानी से मात दे रहे हैं। इस तकनीक के आने के बाद से इसराइली सेना की चिंताएं काफ़ी बढ़ गई हैं क्योंकि ये ड्रोन बिना किसी रुकावट के अपने निशाने पर हमला करने में सक्षम हैं।

👉: Dubai: सोना हुआ भारी सस्ता, 22 कैरेट का दाम 500 दिरहम से नीचे गिरा, भारत सोना ले जाने का नियम भी बदला

क्या हैं ये नए फ़ाइबर-ऑप्टिक ड्रोन और इसराइल को इनसे क्या ख़तरा है?

हिज़बुल्लाह द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे फ़ाइबर-ऑप्टिक ड्रोन यूक्रेन की जंग में इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक जैसे ही हैं। ये ड्रोन हवा में उड़ते हुए भी तार के ज़रिए जुड़े रहते हैं, जिसकी वजह से इसराइल का कोई भी इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग सिस्टम इन्हें रोक नहीं पा रहा है। रक्षा मामलों के जानकारों के मुताबिक, इन ड्रोनों की रेंज करीब 60 किलोमीटर तक हो सकती है, जो उत्तरी इसराइल के बड़े शहरों के लिए बड़ा ख़तरा हैं। अप्रैल 2026 से अब तक इन हमलों में कम से कम दस इसराइली सैनिकों और एक नागरिक की मौत हो चुकी है। इसराइली डिफेंस फोर्सेस का कहना है कि वे इस नए और बदलते ख़तरे से निपटने के लिए रात में देखने वाली तकनीक और अन्य उपायों पर काम कर रहे हैं।

सीज़फ़ायर समझौते को लेकर क्या है ताज़ा स्थिति?

हिज़बुल्लाह ने लेबनान और इसराइल के बीच प्रस्तावित नए सीज़फ़ायर समझौते को पूरी तरह खारिज कर दिया है। इस समझौते के तहत लेबनान में सुरक्षा ज़ोन बनाने की बात कही गई थी जहां हिज़बुल्लाह की मौजूदगी पर पाबंदी होती। समझौते के ख़ारिज होने के बाद इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने बयान दिया है कि सीज़फ़ायर की शर्तें उनकी सेना को बेरूत पर हमला करने की पूरी आज़ादी देती हैं और दक्षिणी लेबनान में उनका सैन्य ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा। इससे पहले अमेरिकी दावों में कहा गया था कि हिज़बुल्लाह हमले रोकने पर सहमत हो गया है, लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके उलट है।

पिछले 24 घंटों में दोनों तरफ से क्या बड़ी कार्रवाई हुई?

हिज़बुल्लाह ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों के भीतर इसराइली सेना के ख़िलाफ़ 25 अलग-अलग सैन्य ऑपरेशन चलाए हैं। इनमें ड्रोन, रॉकेट और एंटी-टैंक मिसाइल हमले शामिल हैं। वहीं दूसरी तरफ, इसराइली सेना ने भी दक्षिणी लेबनान में ड्रोन हमले किए हैं, जिसमें एक स्थानीय परिवार के घायल होने की ख़बर है। इसी बीच इसराइली मीडिया ने दावा किया है कि हिज़बुल्लाह ने इसराइली सेना के नॉर्दर्न कमांड के चीफ मेजर जनरल रफ़ी मिलो को भी निशाना बनाने की कोशिश की थी। इस नए तकनीकी बदलाव ने इसराइली सुरक्षा बलों के बीच भारी उलझन पैदा कर दी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हिज़बुल्लाह के ये नए ड्रोन इसराइल के लिए सिरदर्द क्यों बन गए हैं?

ये फ़ाइबर-ऑप्टिक ड्रोन सीधे तार से जुड़े होने के कारण इसराइल के किसी भी जीपीएस या इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग सिस्टम की पकड़ में नहीं आते हैं और सीधे निशाने पर हमला करते हैं।

क्या लेबनान और इसराइल के बीच सीज़फ़ायर की कोई संभावना है?

फिलहाल सीज़फ़ायर की संभावना ख़त्म हो गई है क्योंकि हिज़बुल्लाह ने नए शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और इसराइली रक्षा मंत्री ने बेरूत पर हमले जारी रखने की बात कही है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.