इसराइल और लेबनान सीमा पर तनाव एक बार फिर से बढ़ गया है. ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी (IRNA) ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें एक इसराइली सैनिक हिज़बुल्लाह के एफपीवी (FPV) ड्रोन से बचकर भागता हुआ दिखाई दे रहा है. यह घटना सीमावर्ती इलाके शोमेरा की बताई जा रही है. हाल के दिनों में हिज़बुल्लाह ने इस इलाके में लगातार ड्रोन हमले किए हैं जिससे सीमा पर तैनात इसराइली सैनिकों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं.

शोमेरा सैन्य ठिकाने पर लगातार हो रहे हैं ड्रोन हमले

लेबनान के हिज़बुल्लाह संगठन ने 26 मई 2026 को इसराइली सेना की चौकियों पर कई ड्रोन हमले करने की जिम्मेदारी ली है. इसमें शोमेरा सैन्य बैरक भी शामिल है. हिज़बुल्लाह का कहना है कि यह कार्रवाई इसराइल की तरफ से किए गए युद्धविराम उल्लंघन के जवाब में की गई है. इससे पहले 25 मई को शोमेरा में एक स्कूल बस स्टॉप पर भी विस्फोटक ड्रोन गिरा था जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था. हिज़बुल्लाह के इन नए FPV ड्रोन को ट्रैक करना और हवा में मार गिराना इसराइली सुरक्षा बलों के लिए काफी कठिन साबित हो रहा है और इसकी वजह से सैनिकों को नुकसान भी उठाना पड़ा है.

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सैन्य कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए

इन लगातार हो रहे हवाई हमलों के जवाब में इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दक्षिणी लेबनान में अपने सैन्य ऑपरेशन्स को और तेज़ करने का निर्देश दिया है. उन्होंने सेना को हिज़बुल्लाह को दबाने के लिए कार्रवाई तेज करने को कहा है. यह नई झड़प ऐसे समय में सामने आई है जब इस साल 17 अप्रैल से दोनों पक्षों के बीच एक युद्धविराम लागू हुआ था. दूसरी तरफ ऐसी खबरें भी आ रही हैं कि लगातार हो रहे हमलों के बावजूद इसराइली सेना दक्षिणी लेबनान में तैनात अपने सैनिकों की संख्या कम करने पर विचार कर रही है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

हिज़बुल्लाह और इसराइल के बीच ताजा संघर्ष की मुख्य वजह क्या है?

हिज़बुल्लाह ने इसराइली सेना पर युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है और इसके जवाब में शोमेरा बैरक समेत कई ठिकानों पर FPV ड्रोन से हमले किए हैं.

इसराइल सरकार ने इस ड्रोन हमले के बाद क्या कदम उठाया है?

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दक्षिणी लेबनान में सैन्य अभियानों को तेज करने का आदेश दिया है ताकि हिज़बुल्लाह के हमलों को पूरी तरह से रोका जा सके.