Hezbollah ने उत्तरी Israel पर एक बार फिर ड्रोन और रॉकेट से हमला किया है। इस हमले के बाद Upper Galilee और Kiryat Shmona जैसे इलाकों में सायरन बज उठे। Hezbollah ने दावा किया कि उन्होंने Yir’on इलाके में तैनात इसराइली सैनिकों को निशाना बनाया। इस तनाव के बीच अब दुनिया की नजरें आने वाली शांति वार्ताओं पर टिकी हैं।

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हमला कहाँ और कैसे हुआ?

12 अप्रैल 2026 को Hezbollah ने उत्तरी Israel के अलग-अलग हिस्सों में ड्रोन और रॉकेट दागे। Israel के Home Front Command ने बताया कि Upper Galilee और Kiryat Shmona में ड्रोन घुसपैठ के डर से सायरन बजाए गए थे। चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, इसराइली सेना ने हवा में ही एक ड्रोन को मार गिराया। Hezbollah ने दावा किया है कि उन्होंने ड्रोन के झुंड से Yir’on इलाके में सैनिकों पर हमला किया था।

शांति वार्ता और इसराइल का स्टैंड

Israel और Lebanon के बीच 14 अप्रैल 2026 को वॉशिंगटन में बातचीत होने वाली है। अमेरिका का स्टेट डिपार्टमेंट इस मुलाकात की मेजबानी करेगा, ताकि युद्ध विराम और सीधी बातचीत शुरू हो सके। हालांकि, Israel ने साफ कर दिया है कि वह Hezbollah के साथ किसी भी तरह के युद्ध विराम पर चर्चा नहीं करेगा। Israel के राजदूत Yechiel Leiter ने Hezbollah को शांति की राह में सबसे बड़ी रुकावट बताया है।

तारीख घटना और अपडेट
10 अप्रैल 2026 Hezbollah ने Tivon बेस पर हमला किया, जवाब में Israel ने 10 लॉन्चर तबाह किए
11 अप्रैल 2026 Hezbollah ने लगभग 30 मिसाइलें दागीं, Israel ने युद्ध विराम से इनकार किया
12 अप्रैल 2026 उत्तरी Israel पर ड्रोन और रॉकेट हमले हुए, कई इलाकों में सायरन बजे
14 अप्रैल 2026 Washington में Lebanon और Israel के बीच बैठक तय हुई है

अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान की भूमिका

इस पूरे विवाद के पीछे ईरान और अमेरिका की बड़ी लड़ाई भी जुड़ी है। हाल ही में पाकिस्तान की मदद से अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के लिए युद्ध विराम हुआ था। लेकिन Israel ने यह साफ कर दिया है कि इस समझौते का असर Hezbollah के साथ उसकी लड़ाई पर नहीं पड़ेगा। Israel सरकार का मानना है कि जब तक Hezbollah सक्रिय है, तब तक पूरी शांति संभव नहीं है।