लेबनान और इसराइल के बीच 16 अप्रैल को हुआ सीज़फायर अब पूरी तरह टूटता दिख रहा है. दोनों तरफ से हमले इतने बढ़ गए हैं कि अब शांति की उम्मीद कम नजर आ रही है. इस लड़ाई की वजह से लेबनान में आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और लाखों लोग अपने घरों को छोड़कर भागने को मजबूर हुए हैं.

लेबनान और इसराइल में हमलों का क्या हाल है?

UNIFIL की रिपोर्ट के मुताबिक, 4 मई को दोनों तरफ से भारी गोलाबारी हुई. इस दिन IDF ने लेबनान में 619 बार हमले किए, जबकि हिजबुल्लाह ने 30 बार इसराइल की तरफ रॉकेट दागे. शुक्रवार से सोमवार तक IDF की ओर से 1,296 से ज्यादा प्रोजेक्टाइल्स छोड़े गए और हिजबुल्लाह ने 64 हमले किए. हिजबुल्लाह अब ड्रोन का इस्तेमाल ज्यादा कर रहा है, जिसने हमलों की संख्या बढ़ा दी है. 11 मई को हिजबुल्लाह ने इसराइली सैनिकों पर ड्रोन हमला किया जिसमें 3 सैनिक घायल हुए, जबकि IDF ने हिजबुल्लाह के हथियार डिपो को तबाह कर दिया.

इस जंग में अब तक कितना नुकसान हुआ है?

11 मई को हुए हमलों में लेबनान के कम से कम 4 लोग मारे गए और 8 घायल हुए. अगर 2 मार्च से अब तक का हिसाब देखें, तो इसराइल के हमलों में 2,869 लोग मारे गए हैं और 8,730 लोग घायल हुए हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि लेबनान की कुल आबादी का लगभग पांचवां हिस्सा, यानी 16 लाख से ज्यादा लोग, विस्थापित होकर इधर-उधर भटक रहे हैं. UN प्रवक्ता Stéphane Dujarric ने 6 मई को बेरुत के दक्षिणी इलाकों में हुए हवाई हमले पर गहरी चिंता जताई है.

सरकारों और UN ने इस पर क्या कहा है?

इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ किया है कि सीज़फायर का मतलब यह नहीं कि इसराइल पीछे हट जाएगा. उन्होंने हिजबुल्लाह को पूरी तरह निशस्त्र करने की मांग की है. वहीं लेबनान सरकार ने हिजबुल्लाह के हमलों की निंदा की है और कहा है कि इन हरकतों से पूरे देश की सुरक्षा खतरे में है. UNIFIL और UN अधिकारियों ने सभी पक्षों से संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील की है ताकि आम नागरिकों की जान बचाई जा सके.

Frequently Asked Questions (FAQs)

लेबनान और इसराइल के बीच सीज़फायर कब शुरू हुआ था?

सीज़फायर 16 अप्रैल 2026 को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के बाद शुरू हुआ था, जिसे बाद में 17 मई 2026 तक के लिए बढ़ाया गया था.

इस लड़ाई की वजह से लेबनान में कितने लोग बेघर हुए हैं?

2 मार्च से शुरू हुए हमलों के कारण लेबनान में 16 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं, जो वहां की कुल आबादी का करीब पांचवां हिस्सा है.