इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच दक्षिणी लेबनान में लड़ाई और तेज़ हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक अहम समझौते के बावजूद इसराइल ने हवाई हमले जारी रखे हैं, जिसमें कम से कम 18 लोगों की जान चली गई है। दोनों तरफ से भारी गोलाबारी और झड़पें देखने को मिली हैं, जिससे पूरे इलाके में तनाव और बढ़ गया है।

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लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 19 जून 2026 की रात और सुबह को हुए इसराइली हमलों में 18 लोग मारे गए और 33 लोग घायल हुए हैं। ये हमले लेबनान के कम से कम 10 गांवों और कस्बों में हुए। वहीं, हिज़्बुल्लाह ने दावा किया है कि उनके हमलों में इसराइल के चार सैनिक मारे गए हैं, जिनमें लेफ्टिनेंट कर्नल डोर गेडलिया बेन सिमोन भी शामिल हैं। इसके अलावा पांच अन्य सैनिक घायल हुए हैं और एक रिजर्व ऑफिसर ड्रोन हमले में गंभीर रूप से जख्मी हुआ है।

हिज़्बुल्लाह का कहना है कि उनके लड़ाकों ने गाइडेड मिसाइलों की मदद से इसराइल के तीन मेरकावा टैंकों को तबाह कर दिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने Kfar Tibnit और Ali al-Taher पहाड़ी के पास घुसपैठ की कोशिश कर रहे इसराइली सैनिकों को रोका है।

यह पूरी लड़ाई ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता (US-Iran MOU) शुक्रवार 19 जून 2026 से लागू हुआ है। इस समझौते में लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तुरंत रोकने और लेबनान की संप्रभुता बनाए रखने की बात कही गई है। हालांकि, इसराइल इस समझौते का हिस्सा नहीं है। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी सेना को पीछे हटाने से मना कर दिया है और कहा है कि सुरक्षा जरूरतों के चलते सेना वहां तैनात रहेगी।

इस हिंसा की वजह से कूटनीतिक स्तर पर भी मुश्किलें आ गई हैं। स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत को टाल दिया गया है, जिसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance को शामिल होना था। ईरान ने इसराइल के सैन्य अभियान के चलते अपने प्रतिनिधिमंडल को भेजने में देरी की है।

मामले पर अलग-अलग अधिकारियों की प्रतिक्रियाएं इस प्रकार रहीं:

  • इतामार बेन गविर (इसराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री): उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इसराइल अपने नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा और पूरा लेबनान जलना चाहिए।
  • येचिएल लीटर (अमेरिका में इसराइल के राजदूत): उन्होंने कहा कि इसराइल युद्धविराम के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन यह हिज़्बुल्लाह की हरकतों पर निर्भर करता है।
  • जीन-नोएल बारोट (फ्रांस के विदेश मंत्री): उन्होंने इसराइल से हमले रोकने की अपील की और अमेरिका से इसराइल पर दबाव डालने को कहा।
  • अब्बास अराघची (ईरान के विदेश मंत्री): उन्होंने इसराइल के किसी भी सैन्य हमले को अमेरिका-ईरान समझौते का उल्लंघन माना है।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.