30 मार्च 2026 को हिजबुल्लाह ने इजरायल के Haifa (हाइफा) स्थित नौसैनिक अड्डे को निशाना बनाने का दावा किया है। इस हमले के दौरान ईरान की ओर से भी इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई हैं। जवाब में इजरायली सेना (IDF) ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हवाई हमले तेज कर दिए हैं। इस संघर्ष में उत्तरी इजरायल के कई इलाकों में जान-माल के नुकसान की खबरें आ रही हैं।

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हिजबुल्लाह और ईरान के हमलों की मुख्य जानकारी

हिजबुल्लाह ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उसने हाइफा के नेवल बेस पर हाई-क्वालिटी मिसाइलों से हमला किया है। इसके साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है। इन हमलों के बारे में विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है:

  • निशाना बनाए गए बेस: हाइफा नेवल बेस के अलावा Stella Maris बेस और Ramat David एयरबेस पर मिसाइलें दागी गईं।
  • ईरानी भागीदारी: ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि यह हमला हिजबुल्लाह के साथ मिलकर किया गया एक समन्वित हमला था।
  • नागरिक इलाकों पर असर: हाइफा, Kiryat Ata और Shfaram जैसे शहरों में मिसाइलें गिरने से हड़कंप मच गया।
  • रिफाइनरी में आग: हाइफा की एक तेल रिफाइनरी में भी आग लगने की खबर आई है, हालांकि इसकी पुष्टि की जा रही है कि यह सीधा हमला था या मलबे से लगी आग।

इजरायल की जवाबी कार्रवाई और मौजूदा स्थिति

इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने हिजबुल्लाह के बढ़ते रॉकेट हमलों को देखते हुए लेबनान में सैन्य अभियान को और विस्तार देने का आदेश दिया है। इजरायली डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने भी जमीन पर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।

प्रमुख घटना ताजा अपडेट
इजरायली सैन्य कार्रवाई बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों और दक्षिण लेबनान में हथियारों के भंडार को नष्ट किया गया।
घायलों की संख्या उत्तरी इजरायल में हमलों की वजह से 2 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर है।
UN शांति रक्षक 29 मार्च को दक्षिण लेबनान में एक UN शांति रक्षक की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हुआ।
लेबनान का बयान लेबनान के पीएम ने कहा कि हिजबुल्लाह के ऑपरेशन्स का निर्देशन ईरानी अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है।

युद्ध का आर्थिक और क्षेत्रीय प्रभाव

इस युद्ध का असर केवल सीमा तक सीमित नहीं है। इजरायल के वित्त मंत्रालय ने संकेत दिया है कि साल 2026 में देश की आर्थिक तरक्की पूरी तरह से इस बात पर टिकी है कि यह संघर्ष कब तक खिंचता है। वहीं दूसरी ओर, लेबनान में तैनात UNIFIL मिशन ने जानकारी दी है कि उनका मिशन साल 2026 के अंत तक बंद करने की योजना है। युद्ध की वजह से खाड़ी क्षेत्र और आस-पास के देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।