इसराइल की हाई कोर्ट में नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर Itamar Ben-Gvir को पद से हटाने के लिए याचिकाएं दायर की गई हैं. आरोप है कि उन्होंने पुलिस की आजादी और काम करने के तरीके में गलत तरीके से दखल दिया है. इस कानूनी लड़ाई में इसराइल की अटॉर्नी जनरल Gali Baharav-Miara ने भी याचिका का समर्थन किया है.

Ben-Gvir पर क्या आरोप लगे हैं?

अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट में दलील दी कि Ben-Gvir ने पुलिस की स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचाया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों की नियुक्तियों को राजनीतिक बनाया और कई जांचों में सीधा दखल दिया. कोर्ट में इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया गया और कहा गया कि उन्होंने जानबूझकर जांच प्रक्रियाओं को कमजोर करने की कोशिश की है.

सरकार और मंत्री ने अपना बचाव कैसे किया?

मंत्री Ben-Gvir ने अपने बचाव में कहा कि वह सिर्फ पॉलिसी बदल रहे हैं और देश चलाने के लिए चुनाव जीतकर आए हैं. वहीं प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के प्रतिनिधि ने तर्क दिया कि मंत्री को हटाना या रखना प्रधानमंत्री का फैसला होता है और कोर्ट इसमें दखल नहीं दे सकता. जस्टिस मिनिस्टर Yariv Levin ने यहाँ तक कह दिया कि अगर कोर्ट ने हटाने का आदेश दिया, तो सरकार उसकी बात नहीं मानेगी.

कोर्ट की सुनवाई में क्या हुआ?

यह सुनवाई करीब 10 घंटे तक चली और सुरक्षा कारणों से आम जनता को कोर्ट के अंदर आने नहीं दिया गया. सुनवाई के दौरान 5 सांसदों को कोर्ट के अपमान के आरोप में बाहर निकाल दिया गया. जजों ने तुरंत कोई फैसला नहीं सुनाया है और कहा है कि ruling बाद में आएगी. जजों ने सुझाव दिया कि बेहतर होगा कि सरकार और अटॉर्नी जनरल आपस में कोई समझौता कर लें ताकि विवाद सुलझ सके.