ईरान से संभावित हमले के डर से Israel में हड़कंप मच गया है। वहां के अस्पतालों को पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। यह तनाव Beirut में हुए इजरायली हमलों के बाद और ज्यादा बढ़ गया है और अब हालात गंभीर नजर आ रहे हैं।
Israeli Health Ministry ने देश भर के अस्पतालों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि सभी अस्पताल अपना कामकाज जमीन के नीचे बने सुरक्षित और मजबूत सेंटरों में शिफ्ट करें। इसके साथ ही इमरजेंसी सिस्टम को एक्टिव कर दिया गया है और अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की गई है। अस्पतालों को यह भी कहा गया है कि जो मरीज घर जा सकते हैं उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाए ताकि गंभीर मरीजों के लिए बेड खाली रहें।
इलाज और सर्जरी पर असर
अस्पतालों में अब केवल गंभीर मरीजों पर ही ध्यान दिया जाएगा। इस वजह से कई जरूरी बदलाव किए गए हैं:
- गैर-जरूरी मेडिकल सेवाओं को फिलहाल रोक दिया गया है।
- पहले से तय की गई सर्जरी और ऑपरेशन को आगे बढ़ा दिया गया है।
- ICU और मेडिकल सप्लाई की उपलब्धता को पूरी तरह सुनिश्चित किया गया है।
यह हाई अलर्ट तब आया जब 14 जून 2026 को Israel ने Lebanon की राजधानी Beirut के Dahiyeh इलाके में Hezbollah के ठिकानों पर हमले किए। Israel के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और रक्षा मंत्री Israel Katz ने एक साझा बयान में कहा कि Israel अपनी जमीन पर होने वाले किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा।
वहीं, IDF के चीफ ऑफ स्टाफ Lt.-Gen. Eyal Zamir ने बताया कि सेना सभी मोर्चों पर पूरी तरह अलर्ट है। उनका कहना है कि दक्षिण Lebanon में चल रहे ऑपरेशन से Hezbollah की ताकत कम हो रही है।
ईरान की प्रतिक्रिया और मौजूदा स्थिति
ईरान की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह Israel का समर्थन कर रहा है और इस वजह से शांति बातचीत खतरे में पड़ सकती है। ईरानी सैन्य अधिकारी Mohammad Jafar Assadi ने चेतावनी दी है कि Beirut में हुए हमलों का जवाब जरूर दिया जाएगा।
पिछले 24 घंटों में उत्तरी Israel में दो ड्रोन गिरने की खबर भी आई है, जिससे वहां सायरन बजने लगे थे। हालांकि इसमें किसी के घायल होने की खबर नहीं है। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के लिए बातचीत चल रही है, जिसमें पाकिस्तान और कतर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। ईरान का कहना है कि जब तक Lebanon में इजरायली हमले नहीं रुकते, तब तक शांति संभव नहीं है।