इसराइल के आसमान में एक बार फिर मिसाइलें और ड्रोन नजर आए। IDF ने हिजबुल्लाह के एक बड़े हमले को नाकाम कर दिया है, लेकिन तनाव अब भी चरम पर है। इस बीच अमेरिका से भारी मात्रा में हथियार पहुँचने से इलाके में हलचल तेज हो गई है।

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इसराइल में ड्रोन हमला और IDF की कार्रवाई

30 अप्रैल 2026 को IDF ने उत्तरी इसराइल में एक संदिग्ध हिजबुल्लाह ड्रोन को रोकने के लिए इंटरसेप्टर मिसाइलें दागीं। इसके साथ ही दक्षिण लेबनान में भी कई हवाई खतरों को नाकाम किया गया, जो इसराइल की सीमा में घुसने से पहले ही रोक लिए गए। IDF प्रवक्ता अविचाई अद्राई ने उत्तरी शहरों के नागरिकों को चेतावनी दी और उन्हें आबादी वाले इलाकों से कम से कम 1,000 मीटर दूर रहने को कहा।

अमेरिका से सैन्य मदद और ईरान पर बड़ा बयान

रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने जानकारी दी कि अमेरिका से 6,500 टन सैन्य उपकरण इसराइल पहुँच चुके हैं। इस मदद में भारी मात्रा में गोला-बारूद और सैन्य वाहन शामिल हैं ताकि सेना की तैयारी पूरी रहे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य के खतरों को रोकने के लिए इसराइल को ईरान के खिलाफ फिर से कार्रवाई करनी पड़ सकती है।

हिजबुल्लाह के नए ड्रोन और सैनिकों का नुकसान

हिजबुल्लाह अब फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। ये ड्रोन आकार में छोटे और सस्ते होते हैं, जिन्हें रडार से पकड़ना बहुत मुश्किल होता है। इन हमलों की वजह से इसराइल के सैनिकों को चोटें आई हैं और 30 अप्रैल को एक सैनिक की मौत हो गई। दूसरी तरफ, हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उन्होंने इसराइल के एक Hermes 900 ड्रोन और दो टैंकों को तबाह कर दिया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इसराइल को अमेरिका से कितनी सैन्य मदद मिली है

अमेरिका ने इसराइल को लगभग 6,500 टन सैन्य उपकरण भेजे हैं, जिसमें हवाई और जमीनी गोला-बारूद के साथ-साथ सैन्य वाहन शामिल हैं।

हिजबुल्लाह के नए ड्रोन क्यों खतरनाक हैं

हिजबुल्लाह अब फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन का उपयोग कर रहा है। ये ड्रोन छोटे होते हैं और इन्हें डिटेक्ट करना मुश्किल होता है, जिससे एयर डिफेंस सिस्टम को चुनौती मिल रही है।