Israel-India News: इसराइल पहुंचा भारत के मिजोरम और मणिपुर का पहला ग्रुप, सरकार उठाएगी पूरा खर्चा, अब वहीं बसेंगे ये लोग

भारत के मिजोरम और मणिपुर राज्य के रहने वाले Bnei Menashe समुदाय के लोग अब इसराइल में बसने जा रहे हैं. 23 अप्रैल 2026 को इस समुदाय का पहला ग्रुप तेल अवीव के Ben-Gurion Airport पहुंचा. इसराइल सरकार ने इनके लिए एक खास प्रोग्राम शुरू किया है जिसे Operation Wings of Dawn नाम दिया गया है.

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Operation Wings of Dawn क्या है और कितने लोग जाएंगे

इसराइल सरकार ने इस प्रोग्राम के लिए करीब 90 मिलियन नए शेकेल यानी लगभग 27 मिलियन डॉलर का बजट रखा है. इस पैसे से आने वाले प्रवासियों की फ्लाइट, रहने की जगह, हिब्रू भाषा सीखने और अन्य सुविधाओं का खर्च उठाया जाएगा. पहले चरण में कुल 600 लोगों को लाने की योजना है, जिसमें से 240-250 लोग पहले ही पहुंच चुके हैं. सरकार का लक्ष्य 2026 के अंत तक 1,200 और 2030 तक कुल 6,000 लोगों को वहां बसाना है.

नागरिकता के लिए क्या है शर्त और कहां रहेंगे ये लोग

इसराइल में पूरी नागरिकता पाने के लिए इन प्रवासियों को यहूदी धर्म में औपचारिक धर्मांतरण (conversion) की प्रक्रिया से गुजरना होगा. वहां पहुंचने के बाद ये लोग शुरुआत में Nof HaGalil और Kiryat Yam जैसे शहरों के अब्सॉर्प्शन सेंटर्स में रहेंगे. यहां उन्हें अपने पुराने रिश्तेदारों से मिलने और नए जीवन में ढलने में मदद मिलेगी. प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और Immigration Minister Ofir Sofer ने इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी की है.

मणिपुर के हालात और इसराइल की जरूरत का असर

खबरों के मुताबिक, मणिपुर में चल रहे जातीय तनाव के कारण भी यह कदम उठाया गया है. इसके अलावा इसराइल में मजदूरों की कमी होने की वजह से इस रिलोकेशन प्रोग्राम में तेजी लाई गई है. Jewish Agency for Israel और Shavei Israel जैसे संगठन इस पूरी प्रक्रिया में मदद कर रहे हैं ताकि इन लोगों का सही तरीके से बसना सुनिश्चित हो सके.