Lebanon पर Israel का बड़ा हमला, 15 और 16 अगस्त को ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक में 11 लोगों की मौत.

दक्षिणी लेबनान में इसराइली सैन्य बलों ने 15 अगस्त और 16 अगस्त को भारी एयरस्ट्राइक, तोपखाने से हमले और फॉस्फोरस हमलों को अंजाम दिया। 20 जून को हुए संघर्ष विराम समझौते के बाद से यह hostilities में अब तक का सबसे बड़ा escalation माना जा रहा है। इसराइली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने बताया कि यह कार्रवाई एक विस्फोटक ड्रोन हमले के जवाब में की गई, जिसमें उनके तीन इसराइली सैनिक घायल हो गए थे। इस हमले के बाद इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है और आम लोगों की मुश्किलें भी काफी ज्यादा बढ़ गई हैं।
अंसार और दीर अल-जहरानी में हुई मौतों की पुष्टि
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय सहित स्थानीय अधिकारियों ने कम से कम 11 लोगों की मौत की पुष्टि की है। इनमें अंसार इलाके में मारे गए तीन बच्चे और दीर अल-जहरानी में जान गंवाने वाले चार लोग भी शामिल हैं। इसराइली सेना ने अंसार नगरपालिका में ऑपरेशन के दौरान हिजबुल्लाह के सीनियर कमांडर्स को निशाना बनाया, जिसमें बदर यूनिट के अबू हसन अला और रेडवान फोर्स के अली समीर अल-हाज हसन की मौत हो गई। लेबनान सरकार और अरब लीग ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन बताया है।
मानवाधिकार संगठनों की चिंता और राजनीतिक प्रतिक्रिया
ह्यूमन राइट्स वॉच ने रिहायशी इलाकों में कथित तौर पर सफेद फॉस्फोरस के इस्तेमाल पर गंभीर चिंता जताई है, जिसके आरोपों का सामना इसराइल को लगातार करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने दावा किया कि हिजबुल्लाह ने सैन्य गतिविधियों के लिए नागरिक परिसरों का इस्तेमाल किया था। यह बढ़ती हिंसा 26 जून के फ्रेमवर्क समझौते की स्थिरता को खतरे में डाल रही है, जिसे हिजबुल्लाह लगातार अस्वीकार कर रहा है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थायी शांति स्थापित करने के लिए किए जा रहे राजनयिक प्रयास भी काफी जटिल हो गए हैं।