इसराइल की सेना ने गाज़ा की मदद के लिए जा रहे जहाजों के समूह को अंतरराष्ट्रीय समुद्र में रोक लिया है। इस कार्रवाई के बाद ज़्यादातर लोगों को छोड़ दिया गया, लेकिन दो एक्टिविस्ट्स को पूछताछ के लिए इसराइल ले जाया गया है। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है।

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कौन हैं वे दो लोग जिन्हें इसराइल ले जाया गया?

इसराइल के विदेश मंत्रालय ने कन्फर्म किया है कि 2 मई 2026 को दो लोगों को पूछताछ के लिए इसराइल लाया गया। इनमें Saif Abu Keshek और Thiago Ávila शामिल हैं, जो Global Sumud Flotilla कमेटी के सदस्य थे।

  • Saif Abu Keshek: ये फिलिस्तीनी-स्पेनिश नागरिक हैं, जिन पर एक आतंकवादी संगठन से जुड़े होने का शक है।
  • Thiago Ávila: ये ब्राज़ीलियाई नागरिक हैं, जिन पर अवैध गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।

जानकारी के मुताबिक, इस अभियान में शामिल करीब 173 से 175 अन्य एक्टिविस्ट्स को ग्रीस के क्रीट आइलैंड पर छोड़ दिया गया था।

इस कार्रवाई पर क्या है विवाद और देशों का रुख?

इस घटना को लेकर दो अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं। इसराइल के विदेश मंत्री Gideon Sa’ar ने इस ऑपरेशन का बचाव करते हुए कहा कि यह हमस के इशारे पर किया गया एक दिखावा था और नौसेना ने कानूनी नाकेबंदी को सफलतापूर्वक लागू किया है।

दूसरी तरफ, सहायता भेजने वाले आयोजकों ने इसे समुद्री डकैती बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान एक्टिविस्ट्स को खाना-पानी नहीं दिया गया और उनके साथ मारपीट की गई, जिसमें 31 लोग घायल हुए। स्पेन और ब्राज़ील जैसी सरकारों ने इस कार्रवाई की निंदा की है। स्पेन ने अपने नागरिक Saif Abu Keshek की तुरंत रिहाई की मांग की है, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने अपने नागरिकों को ऐसे अभियानों में शामिल न होने की सलाह दी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सहायता जहाजों को कहाँ रोका गया था?

इन जहाजों को क्रीट के तट के पास अंतरराष्ट्रीय समुद्र में रोका गया था, जो गाज़ा तट से लगभग 600 से 900 किलोमीटर की दूरी पर था।

इसराइल ने जहाजों को रोकने का क्या कारण बताया?

इसराइल का कहना है कि यह कार्रवाई गाज़ा की कानूनी समुद्री नाकेबंदी को बनाए रखने के लिए की गई थी ताकि कोई भी अवैध तरीके से वहां न पहुंच सके।