गाज़ा की तरफ जा रहे एक बड़े जहाज़ी बेड़े ‘ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला’ को इसराइल की सेना ने अंतरराष्ट्रीय पानी में रोक लिया. इस कार्रवाई में 160 से ज़्यादा एक्टिविस्ट्स को हिरासत में लेकर ग्रीस के क्रीट द्वीप पर पहुँचाया गया. इस घटना के बाद दुनिया भर के कई देशों में इसराइल के खिलाफ विरोध शुरू हो गया है.
इसराइल ने जहाजों को क्यों रोका और अब क्या स्थिति है?
इसराइल की नौसेना ने 29 और 30 अप्रैल 2026 की दरमियानी रात क्रीट के पास इन जहाजों को रोका था. इसराइल सरकार का कहना है कि गाज़ा की समुद्री नाकाबंदी को तोड़ने से रोकने के लिए यह कदम उठाना ज़रूरी था. इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने बताया कि आतंकवाद विरोधी कानून के तहत ऐसे जहाजों को ज़ब्त किया जा सकता है जो आतंकी गतिविधियों में शामिल हों.
- कुल एक्टिविस्ट: करीब 160 से 175 लोग जहाजों पर सवार थे.
- हिरासत: ज़्यादातर लोगों को 1 मई को क्रीट में छोड़ दिया गया.
- पूछताछ: सैफ अबू केशेख और थियागो एवीला नाम के दो एक्टिविस्ट्स को पूछताछ के लिए इसराइल ले जाया गया.
- जहाज़ों की संख्या: 22 नावों को रोका गया, जबकि 47 नावें अभी भी क्रीट के पास समुद्र में हैं.
दुनिया भर के देशों और संस्थाओं की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
इस घटना के बाद कई देशों ने इसराइल की कड़ी निंदा की है. स्पेन और ब्राज़ील ने इसे अपने नागरिकों का अपहरण बताया है. तुर्की ने इस कार्रवाई को समुद्री डकैती करार दिया है. वहीं, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून समुद्र में नेविगेशन की आज़ादी देता है और नागरिक जहाजों को रोकना सही नहीं है.
अमेरिका के विदेश विभाग ने 30 अप्रैल को चेतावनी दी कि जो लोग इस फ्लोटिला का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें इसके नतीजे भुगतने होंगे क्योंकि अमेरिका इसे हमास समर्थक मानता है. एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी हिरासत में लिए गए लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और उनकी तुरंत रिहाई की मांग की है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला कहाँ से चला था और इसका मकसद क्या था?
यह सहायता मिशन 12 अप्रैल 2026 को स्पेन के बार्सिलोना शहर से गाज़ा के लिए निकला था, जिसका मकसद गाज़ा के लोगों तक ज़रूरी मदद पहुँचाना था.
कितने एक्टिविस्ट्स को हिरासत में लिया गया और उन्हें कहाँ ले जाया गया?
करीब 160 से ज़्यादा एक्टिविस्ट्स को हिरासत में लिया गया. इनमें से ज़्यादातर को ग्रीस के क्रीट द्वीप पर छोड़ा गया, जबकि दो लोगों को पूछताछ के लिए इसराइल ले जाया गया.