इसराइल की नेवी ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा में सहायता सामग्री लेकर जा रहे Global Sumud Flotilla जहाज़ों को रोक लिया। इस कार्रवाई के बाद पूरी दुनिया में हंगामा मच गया है। UN एक्सपर्ट ने इस घटना को बहुत ही घिनौना बताया है, वहीं कई यूरोपीय देशों ने इसे समुद्री डकैती करार दिया है।

Global Sumud Flotilla के साथ क्या हुआ और कहाँ हुई कार्रवाई?

इसराइल की नेवी ने 29 और 30 अप्रैल 2026 के बीच ग्रीस के क्रीट द्वीप के पास अंतरराष्ट्रीय पानी में सहायता जहाज़ों को रोका। यह मानवीय सहायता मिशन गाज़ा के लोगों की मदद के लिए निकला था। इस काफिले में करीब 58 से 100 नावें शामिल थीं और लगभग 1,000 एक्टिविस्ट सवार थे। इस कार्रवाई के दौरान 175 से 211 लोगों को हिरासत में लिया गया और रिपोर्ट के मुताबिक 31 एक्टिविस्ट घायल हुए हैं।

दुनिया के देशों और UN एक्सपर्ट्स ने इस पर क्या कहा?

  • Francesca Albanese (UN एक्सपर्ट): उन्होंने इस कार्रवाई को ‘घिनौना’ और ‘बिना बॉर्डर वाला रंगभेद’ बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि इसराइल को यूरोप के पास अंतरराष्ट्रीय पानी में जहाजों पर हमला करने की अनुमति कैसे मिली।
  • स्पेन और फ्रांस: स्पेन के प्रधानमंत्री Pedro Sanchez ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और EU-Israel समझौते को रोकने की मांग की। फ्रांस के सांसदों ने इसे ‘अपहरण’ की कार्रवाई कहा है।
  • इटली और तुर्की: इटली की सरकार ने अपने नागरिकों की तुरंत रिहाई मांगी है, जबकि तुर्की के विदेश मंत्रालय ने इसे ‘समुद्री डकैती’ करार दिया है।
  • अमेरिका: US स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता Tommy Pigott ने इसराइल के फैसले का बचाव किया और अन्य देशों से कहा कि वे ऐसे सहायता जहाज़ों को अपने पोर्ट से न जाने दें।

हिरासत में लिए गए एक्टिविस्ट्स की क्या स्थिति है?

ज़्यादातर हिरासत में लिए गए लोगों को 1 मई 2026 तक ग्रीस में छोड़ दिया गया था। हालांकि, Saif Abu Keshek और Thiago Ávila जैसे कुछ प्रमुख एक्टिविस्ट्स को पूछताछ के लिए इसराइल ले जाया गया, जिसे स्पेन ने गैरकानूनी बताया है। सहायता मिशन से जुड़ी रिपोर्टों में दावा किया गया कि हिरासत के दौरान एक्टिविस्ट्स के साथ मारपीट की गई और उन्हें खाना-पानी नहीं दिया गया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Global Sumud Flotilla क्या था और इसका मकसद क्या था?

यह एक मानवीय सहायता अभियान था जिसमें दुनिया भर के करीब 1,000 एक्टिविस्ट गाज़ा की नाकाबंदी को चुनौती देने और वहां के लोगों तक मदद पहुँचाने की कोशिश कर रहे थे।

UN एक्सपर्ट Francesca Albanese ने इस घटना पर क्या चेतावनी दी?

उन्होंने इस कार्रवाई को घिनौना बताया और यूरोप के देशों को चेतावनी दी कि वे इसराइल का साथ देकर और एक्टिविस्ट्स को दबाकर यूरोप का ‘इसराइलकरण’ (Israelization) कर रहे हैं।