इसराइल और यमन के बीच तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इसराइल की सेना ने यमन की तरफ से दागी गई एक मिसाइल को हवा में ही मार गिराया है। यह सुरक्षा कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब इसराइली वायुसेना ने ईरान के तेहरान, तबरीज़ और इसफ़हान जैसे बड़े शहरों पर हवाई हमले किए हैं। इस तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर सीधा दबाव बनाया है कि वे हमलों को तुरंत रोकें ताकि शांति वार्ताओं को बचाया जा सके।
यमन से आई मिसाइल को इसराइल ने हवा में कैसे रोका?
इसराइली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने आधिकारिक पुष्टि की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने यमन की तरफ से दागे गए एक प्रोजेक्टाइल को ट्रैक किया और उसे बीच रास्ते में ही नष्ट कर दिया। यमन से दागी गई मिसाइल के कारण इसराइल में खतरे के सायरन बज उठे और लोगों को मोबाइल पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी भेजी गई। इस हमले में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। इसी दौरान सऊदी अरब के एक इलाके में भी मिसाइल अलर्ट के सायरन बजने की खबर आई है जहां अमेरिकी सेना तैनात है।
ईरान के शहरों पर इसराइल के हमले और डोनाल्ड ट्रंप का दबाव
इसराइली वायुसेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। ईरानी सरकारी मीडिया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक, तेहरान, तबरीज़ और इसफ़हान जैसे महत्वपूर्ण शहरों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से सीधे बात की है और जवाबी हमलों को रोकने के लिए कहा है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि युद्ध को खत्म करने के लिए इसराइल को समझौतों को मानना होगा। दूसरी तरफ ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने भी दोनों पक्षों से तुरंत तनाव कम करने की अपील की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इसराइल पर यमन से दागी गई मिसाइल का क्या हुआ?
इसराइल के एयर डिफेंस सिस्टम ने यमन से आई इस मिसाइल को हवा में ही ट्रैक कर सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया, जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ।
ईरान के किन शहरों पर हमले हुए हैं?
ईरानी मीडिया के अनुसार इसराइल ने ईरान के तेहरान, तबरीज़ और इसफ़हान जैसे प्रमुख शहरों में स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
इस तनाव पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का क्या स्टैंड है?
डोनाल्ड ट्रंप ने इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर दबाव डाला है कि वे इन हमलों को रोकें ताकि चल रही शांति वार्ताओं को सुरक्षित रखा जा सके।
